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स्टार्टअप के फ़ेल होने की मुख्य वजहें और उनसे बचने के उपाय – Why do most startups fail ?

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हर एक उद्यमी बिज़नेस की शुरुआत सफलता के शिखर पर पहुँचने के लिए करता है परन्तु ज्यादातर स्टार्टअप फ़ेल हो जाते हैं. वैसे तो आप किसी भी बड़े काम की शुरुआत मन में असफलता की शंका के साथ नहीं कर सकते लेकिन फ़ेल होने के कारणों को ध्यान में रखकर आप सही कदम उठा सकते हैं. ज्यादातर स्टार्टअप सिर्फ एक वजह से फ़ेल नहीं होते बल्कि उसके पीछे तीन-चार कारण होते हैं.

ज्यादातर नए बिज़नेस फ़ेल क्यों होते हैं – Why Most Startups Fail ?(Common reasons for business failure)

1- सही टीम नहीं बना पाना – Not able to build the right team

सही टीम नहीं होने की वजह से अनेकों स्टार्टअप फ़ेल हो जाते हैं. एक अच्छी टीम का गठन विभिन्न योग्यता के लोगों को एक साथ लाकर किया जा सकता है. एक अकेले उद्यमी के लिए सभी कामों को अच्छे से कर पाना बड़ा मुश्किल होता है और चुनौतियों से हार मान लेने की संभावना ज्यादा होती है. विभिन्न योग्यता के दो या तीन संस्थापक मिलकर एक दूसरे को उत्साहित करते हुए सफलतापूर्वक आगे बढ़ सकते हैं.

एक बात गौर करने वाली है कि बहुत सारे संस्थापक भी फ़ेल होने का कारण बन सकते हैं क्योंकि एक बड़ी टीम में हर फैसले पर जल्दी सहमत हो पाना थोड़ा मुश्किल होता है. ज्यादातर सफल बिज़नेसों के दो या तीन संस्थापक रहे हैं जो एक आदर्श संख्या है.

2- ग्राहकों की सही जरुरत नहीं पहचान पाना – Not able to identify the need of customers

ग्राहकों की जरुरत को पहचाने बिना बिज़नेस शुरू करना एक बहुत बड़ी गलती है. हम अनेकों ऐसे असफल उद्यमियों से मिलते हैं जो समय सही नहीं होने या समय से आगे होने को असफलता का मुख्य कारण बताते हैं. बिज़नेस आइडिया का चयन करते समय मार्केट रिसर्च एक अहम् कदम है क्योंकि आप बिज़नेस ग्राहकों के लिए शुरू करते हैं और उनकी जरुरत को समझे बिना कोई भी बिज़नेस सफल नहीं हो सकता. मार्केट रिसर्च करते समय ग्राहकों की जरुरत, उनकी पैसे देने की इच्छा और क्षमता तथा प्रोडक्ट या सेवा प्राप्त करने के माध्यम (ऑनलाइन, दुकान इत्यादि) को अच्छे से समझना जरुरी है. उसके बाद आपको शुरूआती दौर में प्रोटोटाइप बनाकर पहले कुछ भावी ग्राहकों से टेस्ट करवाना चाहिए ताकि आपको सुधार का मौका मिले.

3- कम्पटीशन से हार – Losing to competition

प्रतिस्पर्धा की वजह से बिज़नेस बर्बाद होने के सैकड़ों उदाहरण आपको मिल जायेंगे. समय के साथ बदलती हुई टेक्नोलॉजी की वजह से ऐसे नए कम्पटीशन आ जाते हैं कि आपको अपने बिज़नेस का रास्ता बदलना पड़ता है जिसमें कई बार बिज़नेस बंद करने के अलावा कोई चारा नहीं होता. स्मार्टफ़ोन के आने से कैमरे और वॉकमैन जैसे प्रोडक्ट का बाज़ार से गायब होना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है इसलिए आपको बिज़नेस शुरू करते समय आज के ज्ञात प्रतिस्पर्धियों के साथ-साथ भविष्य में आने वाले अज्ञात प्रतिस्पर्धियों के बारे में भी सोचना चाहिए. आप अच्छे से विश्लेषण करिए कि भविष्य के कम्पटीशन के जल्दी शुरू होने की तो संभावना नहीं है, वरना आपको अपनी शुरुआत उस आने वाले कम्पटीशन को कुचलने की तैयारी के साथ करनी चाहिए.

4- पैसों की कमी – Running out of cash

एक बिज़नेस को सफलतापूर्वक चलाने में पॉजिटिव कैश फ्लो का होना बहुत जरुरी है. बहुत से बिज़नेस सब कुछ अच्छा होते हुए भी फ़ेल हो जाते हैं क्योंकि वो अपने कैश फ्लो का ठीक से ध्यान नहीं रखते. बिज़नेस के लिए आप बाज़ार से चाहे जितना भी पूँजी क्यों न जुटा लें, आपको अपने खर्चे और आमदनी का तालमेल ठीक रखना चाहिए जिससे बिज़नेस खुद से कमाए पैसों के भरोसे चल सके. बार-बार पूँजी जुटाने में बहुत मेहनत और समय व्यर्थ होता है और आप अपने बिज़नेस पर ठीक से ध्यान नहीं दे पाते. वैसे पूँजी की कमी से बिज़नेस फ़ेल नहीं होने देना चाहिए और पर्याप्त समय रहते ही पूँजी जुटाने का प्रयास शुरू कर देना चाहिए.

5- मार्केटिंग में कमी – Lack of marketing

अनेकों उद्यमी अपने प्रोडक्ट पर इतना फोकस रखते हैं कि मार्केटिंग पर खास ध्यान ही नहीं देते. याद रखिये, आप अच्छे से अच्छा प्रोडक्ट या बिज़नेस बना सकते हैं लेकिन अगर ग्राहकों को इसके बारे में पता ही नहीं हो तो आप कभी भी सफल नहीं हो सकते. आज के समय में इन्टरनेट से सूचना के क्षेत्र में क्रांति आयी हुई है तथा हर एक व्यक्ति इतना व्यस्त है कि उसका ध्यान किसी प्रोडक्ट पर ला पाना एक बहुत बड़ी चुनौती है. एक सफल बिज़नेस बनाने के लिए आपको अपने ग्राहकों को पहचान कर, सही माध्यम का चुनाव करते हुए मार्केटिंग के ऊपर ध्यान देना चाहिए.

6- ज्यादा आगे तक जाने लायक बिज़नेस मॉडल नहीं बना पाना – Not able to build a sustainable business model

एक लगातार आगे बढ़ते रहने वाला बिज़नेस मॉडल सफलता की सबसे बड़ी जरुरत है. ज्यादातर स्टार्टअप बिज़नेस मॉडल पर बिल्कुल ध्यान नहीं देते जबकि सही बिज़नेस मॉडल से आगे का रास्ता काफी सरल हो जाता है. आप ग्राहकों को ऑनलाइन, ऑफलाइन या फिर दोनों माध्यम से सर्विस देना चाहते हैं, सारा काम आप खुद करेंगे या कुछ आउटसोर्स करेंगे या फिर किसी प्लेटफार्म का उपयोग करेंगे, इस तरह की बहुत सी बातों पर बिज़नेस मॉडल निर्धारित होता है. ध्यान रहे कि आपके बिज़नेस मॉडल में फ्लेक्सिबिलिटी होनी चाहिए ताकि एक मॉडल ठीक से नहीं चलने पर थोड़े बदलाव की गुंजाइश हो.

7- अच्छे सलाहकारों का साथ नहीं होना – Not having good advisors/mentors

किसी भी अनजान क्षेत्र में सफ़र करते समय हम एक गाइड, पथप्रदर्शक या किसी जानकार व्यक्ति से सलाह लेते हैं. इसी तरह बिज़नेस का सफ़र भी काफी अनजाना होता है इसलिए एक या एक से अधिक जानकारों की सलाह बहुत मददगार होती है. एक अच्छा मेन्टर आपका ध्यान ऐसे अनेक पहलुओं पर दिलवाता है जो कि आप नहीं देख पा रहे होते हैं. साधारण तौर पर मेन्टर आपके बिज़नेस से कोई लाभ नहीं लेते हैं इसलिए वे खुलकर आपके और आपके बिज़नेस की कमियों के बारे में बता सकते हैं और समय रहते आपको सचेत कर सकते हैं. एक अच्छा मेन्टर आपको अपने लक्ष्य को पाने के लिए प्रोत्साहित भी करता है और आपके मानसिक संतुलन को बनाये रखने में मदद करता है.

8- जुनून की कमी – Lack of passion

यह एक मानी हुई बात है कि अगर आप कोई बड़ा काम शुरू करते हैं तो सफलता बहुत धीरे-धीरे मिलती है. ज्यादातर सफल बिज़नेसों को बड़ा और सफल बनने में सालों लगे हैं और शुरुआत के दिनों में बहुत लम्बे समय तक धैर्य और जुनून की आवश्यकता होती है. एक आइडिया को बिज़नेस का रूप देने में अनेकों चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और बहुत से स्टार्टअप इन चुनौतियों के सामने अपना जुनून खो देते हैं जो कि आत्मघाती साबित हो सकता है. अपने मन में आने वाले किसी भी नकारात्मक विचार पर हमेशा काबू रखें और अपने जुनून में कोई कमी नहीं होने दें.

9- कानूनी समस्यायें – Legal problems

कानूनी समस्याओं की वजह से बिज़नेस का फ़ेल होना भी एक बहुत बड़ा कारण है. बिज़नेस का निर्माण करते समय पूँजी कम होती है जिसकी वजह से एक अच्छे लीगल एक्सपर्ट से सलाह लेना मुश्किल होता है परन्तु ऐसा नहीं है कि महंगे और बड़े कानूनी सलाहकार के बिना जानकारी नहीं मिल सकती है. आप अपने बिज़नेस से जुड़े हुए संभावित कानूनी समस्याओं पर विचार करके इन्टरनेट पर, किताबों के जरिये, सरकारी स्रोतों और आपकी इंडस्ट्री से जुड़े हुए व्यापारों से जानकारी लेकर ज्यादातर समस्याओं से बच सकते हैं.

10- बिज़नेस में आयी तेज़ी को नहीं संभाल पाना – Not able to manage high growth

कहा जाता है कि यह अपने आप में बहुत अच्छी समस्या है परन्तु यह बिज़नेस के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है. कई बार स्टार्टअप तेज गति से आयी वृद्धि के लिए तैयार नहीं रहते हैं और इसको संभाल नहीं पाने की वजह से बंद हो जाते हैं. आप जब भी मार्केटिंग पर ज्यादा फ़ोकस करें तो हमेशा तैयार रहें कि अगर अचानक से ग्राहकों की बढ़ोत्तरी हो गयी तो आपका बिज़नेस उसको कैसे संभालेगा.

ऊपर दिए हुए मुख्य कारणों के अलावा बिज़नेस के फ़ेल होने के दूसरे कारण भी हो सकते हैं लेकिन सफल उद्यमी बिज़नेस के हर एक स्तर पर आने वाले भविष्य के खतरों का विश्लेषण करके सही कदम उठाता रहता है. खतरों से डरे बिना उनका सामना करने की तैयारी से सफलता की संभावना बढ़ जाती है.

 

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2 Comments

  1. BusinessKahani
  2. सुरेन्द्र प्रसाद सिंह

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