व्यापार मंत्र

बड़े और स्थापित ब्रांड की छत्रछाया में सफल व्यापार की नींव – फ़्रेंचाइज़िंग (Franchising)

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अपना ख़ुद का व्यवसाय स्थापित करके उसे बुलंदियों तक पहुँचाना हर उद्यमी का सपना होता है। इस सपने को सच करने के लिए दृढ़ संकल्प, कठिन मेहनत और सच्ची लगन के साथ ही उपयुक्त बिज़नेस मॉडल का होना भी आवश्यक है।

जब आप पहली बार अपने किसी व्यवसाय की नींव रखते हैं तो उसके साथ आपके सपने और आपकी उम्मीदें ही नहीं आपका भविष्य भी जुड़ा होता है। इसलिए अपना उद्यम स्थापित करने से पूर्व यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि आप किस क्षेत्र में और किस प्रकार का व्यापार करना चाहते हैं।

Learn About Franchising In Hindi

क्या आप बाज़ार में अपना ख़ुद का ब्रांड स्थापित करना चाहते हैं? या फ़िर बाज़ार में पहले से ही स्थापित किसी प्रसिद्ध ब्रांड के साथ जुड़कर व्यवसाय करना चाहते हैं?

‘फ़्रेंचाइज़िंग’ किसी स्थापित ब्रांड के साथ जुड़ने का सबसे अच्छा तरीका है। आइये फ़्रेंचाइज़िंग पर विस्तार से नज़र डालते हैं और इसके विभिन्न पहलुओं के बारे में जानते हैं।

 

क्या है फ़्रेंचाइज़िंग?

अगर सरल शब्दों में व्यक्त करें तो ‘फ़्रेंचाइज़िंग’ (Franchising) विपणन अवधारणा (Marketing Concept) पर आधारित एक ऐसी व्यापारिक रणनीति है जिसके द्वारा एक व्यावसायिक संगठन अपने व्यवसाय का विस्तार करता है। इस प्रक्रिया में ‘फ़्रेंचाइज़र’ (Franchisor) और ‘फ़्रेंचाइज़ी’ (Franchisee) प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

‘फ़्रेंचाइज़र’ यानि बाज़ार में पहले से स्थापित एक प्रसिद्ध व्यवसाय या ब्रांड जो अपने व्यापार को विस्तार देने के लिए अपनी ख़ुद की नई शाखाएं स्थापित करने के बजाय किसी अन्य व्यापारिक संगठन यानि ‘फ़्रेंचाइज़ी’ को अपने ब्रांड का नाम एवं लोगो उपयोग करने, अपने व्यापार मॉडल एवं उत्पादन प्रक्रियाओं का अनुसरण करने तथा अपने ब्रांडेड उत्पादों एवं सेवाओं का विक्रय करने के लिए लाइसेंस प्रदान करता है, जो ‘फ़्रेंचाइज़’ कहलाता है।

उदाहरण के तौर पर यदि आप मैक्डॉनल्ड्स (McDonald’s) का ‘फ़्रेंचाइज़’ लाइसेंस लेते हैं तो मैक्डॉनल्ड्स ‘फ़्रेंचाइज़र’ होगा और आप ‘फ़्रेंचाइज़ी’।

इस प्रकार फ़्रेंचाइज़ दो व्यावसायिक संगठनों के बीच स्थापित होने वाला एक वैधानिक एवं व्यावसायिक (legal & professional) सम्बन्ध है।

किसी फ़्रेंचाइज़ का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए फ़्रेंचाइज़ी एक निश्चित फ़ीस का भुगतान फ़्रेंचाइज़र को करता है और साथ ही नियमित समयावधि पर उसे अपने व्यापार से होने वाले मुनाफ़े में से एक पूर्वनिर्धारित प्रतिशत का भुगतान भी करता है।

इससे संबंधित सभी नियम एवं शर्तों का निर्धारण एवं उल्लेख आमतौर पर फ़्रेंचाइज़ समझौते (Franchise Agreement) में किया जाता है।

राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय है फ़्रेंचाइज़िंग

केवल राष्ट्रीय ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी फ़्रेंचाइज़िंग बहुत लोकप्रिय है। आज के समय में खाद्य एवं पेय पदार्थ (Food and Beverage), होटल (Hotel), खुदरा बिक्री (Retail), सौंदर्य एवं फ़िटनेस (Beauty & Fitness), स्वास्थ्य देखभाल (Healthcare), चिकित्सा सेवाओं (Medical Services) तथा शिक्षा (Education) आदि व्यवसाय के विभिन्न क्षेत्रों में फ़्रेंचाइज़िंग चलन में है।

अगर भारत में फ़्रेंचाइज़ (Franchise in India) की बात करें तो फ़िफ़्टी शेड्स (Fifty Shades), पी सी ज्वैलर्स (PCJ), आर्चीज़ (Archies), बिग मार्ट (Big Mart), चिक ब्लास्ट (Chik Blast), ओयो (Oyo), बचपन (Bachpan), सियाराम (Siyaram’s) जैसे अनगिनत प्रसिद्ध ब्रांड्स हैं जो फ़्रेंचाइज़िंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं और देश भर में इन सभी के अनेकों फ़्रेंचाइज़ी हैं।

वहीं दूसरी ओर फ़्रेंचाइज़ प्रारूप पर आधारित सफ़ल अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड्स की बात करें तो एनीटाइम फ़िटनेस (Anytime Fitness), मैक्डॉनल्ड्स (McDonald’s), 7-इलेवेन (7-Eleven), सबवे (Subway), केएफ़सी (KFC), पिज़्ज़ा हट (Pizza Hut) जैसे नाम एकाएक ज़ुबान पर आ जाते हैं। इनकी लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनियाभर में इनकी हज़ारों फ़्रेंचाइज़ी मौजूद हैं।

 

फ़्रेंचाइज़र और फ़्रेंचाइज़ी दोनों के लिए फ़ायदेमंद है फ़्रेंचाइज़िंग

फ़्रेंचाइज़िंग व्यापार का एक ऐसा प्रारूप है जो इसमें संलग्न दोनों पक्षों – फ़्रेंचाइज़र और फ़्रेंचाइज़ी के लिए फ़ायदेमंद होता है। फ़्रेंचाइज़ आधारित बिज़नेस मॉडल से इन दोनों को ही अपने-अपने स्तर पर लाभ की प्राप्ति होती है। हालांकि, इसके लिए आवश्यक है कि इस प्रारूप को सही तरीके से अमल में लाया जाये।

फ़्रेंचाइज़ी यानि व्यापार शुरू करने वाले को फ़्रेंचाइज़िंग से होने वाले लाभ:

  • फ़्रेंचाइज़ी को एक स्थापित ब्रांड के नाम के साथ ही उसके नियमित ग्राहक भी मिलते हैं। इससे उसे बाज़ार में स्थापित होने में ज़्यादा समय नहीं लगता।
  • चूंकि फ़्रेंचाइज़र की बाज़ार में पहले से ही अच्छी पकड़ होती है तो उसके कच्चे माल के आपूर्तिकर्ताओं से भी अच्छे सम्बन्ध होते हैं। इससे फ़्रेंचाइज़ी के लिए कच्चे माल की आपूर्ति अत्यंत सरल हो जाती है।
  • फ़्रेंचाइज़ी को शून्य से शुरुआत नहीं करनी पड़ती और उसके असफ़ल होने की सम्भावना काफ़ी हद तक कम हो जाती है।
  • बड़े और स्थापित ब्रांड के साथ काम करने की वजह से व्यवसाय के लिए बैंक और वित्तीय संस्थानों से लोन इत्यादि की सुविधा भी आसान हो जाती है।
  • फ़्रेंचाइज़र अपने व्यापार प्रारूप और ब्रांडेड उत्पादों की उत्पादन प्रक्रिया आदि का विवरण फ़्रेंचाइज़ी को पहले से ही उपलब्ध कराता है। इस तरह फ़्रेंचाइज़ी को एक सफ़ल व्यवसाय की वो सभी बारीक़ियाँ सीखने को मिलती हैं जिन्हें अपने स्तर पर सीखने में किसी नए उद्यमी को वर्षों का समय लगता है।
  • कुछ फ़्रेंचाइज़र अपने फ़्रेंचाइज़ी को विशिष्ट व्यावसायिक प्रबंधन और तकनीकी शिक्षण भी प्रदान करते हैं।
  • नए प्रॉडक्ट के उत्पादन और ब्रांड की मार्केटिंग का सारा काम फ़्रेंचाइज़र ख़ुद संभालता है। इससे फ़्रेंचाइज़ी अपना पूरा ध्यान अपने व्यवसाय के श्रेष्ठ संचालन पर केंद्रित करने में सक्षम होता है।

फ़्रेंचाइज़र को फ़्रेंचाइज़िंग से होने वाले लाभ:

  • फ़्रेंचाइज़र को इसका सबसे बड़ा फ़ायदा यह होता है कि उसे अपने व्यापार का विस्तार करने के लिए अपनी पूँजी का निवेश नहीं करना पड़ता बल्कि अपने ब्रांड का फ़्रेंचाइज़ लाइसेंस देने के बदले उसे एक निश्चित धनराशि प्राप्त होती है।
  • जब तक फ़्रेंचाइज़ी और फ़्रेंचाइज़र के बीच अनुबंध क़ायम रहता है, फ़्रेंचाइज़ी को होने वाले लाभ में से एक निश्चित हिस्सेदारी फ़्रेंचाइज़र को भी नियमित रूप से प्राप्त होती रहती है।
  • फ़्रेंचाइज़ी के सफ़ल होने पर फ़्रेंचाइज़र की स्थिति बाज़ार में और अधिक मज़बूत होती है।
  • फ़्रेंचाइज़र अपनी पूँजी का उपयोग नए उत्पाद तैयार करने और ब्रांड की मार्केटिंग में करता है जिससे उसे नए ग्राहकों तक पहुँचने में मदद मिलती है।

फ़्रेंचाइज़िंग की चुनौतियाँ (Challenges in Franchising)

हर चीज़ के अपने फ़ायदे होते हैं और अपने नुक़सान भी। यही बात फ़्रेंचाइज़ आधारित व्यापार के प्रारूप पर भी लागू होती है। फ़्रेंचाइज़िंग को अपनाने में आपको कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है।

  • अगर आप किसी बड़े और प्रतिष्ठित ब्रांड का फ़्रेंचाइज़ लाइसेंस लेते हैं तो उसके लिए कई बार आपको बहुत ज़्यादा क़ीमत चुकानी पड़ती है। इस कारण अपना ख़ुद का व्यवसाय शुरू करने की तुलना में फ़्रेंचाइज़ लेना (owning a franchise)आपके लिए बहुत महँगा साबित होता है।
  • जब तक आप किसी ब्रांड के फ़्रेंचाइज़ी बने रहते हैं तब तक आपको लगातार अपने लाभ का एक निश्चित भाग फ़्रेंचाइज़र को देना पड़ता है। इस कारण आपके अपने लाभ का प्रतिशत घट जाता है।
  • आप अपनी इच्छा से अपने व्यापार में कुछ भी नया करने के लिए स्वंतत्र नहीं होते। आपको फ़्रेंचाइज़र द्वारा तय मानकों और नियमों का ही पालन करना होता है।
  • आपको फ़्रेंचाइज़र द्वारा निर्धारित आपूर्तिकर्ताओं से उनके मूल्यों पर ही कच्चा माल ख़रीदना पड़ता है जो कई बार बाज़ार में उपलब्ध अन्य विकल्पों की तुलना में महँगा होता है।
  • आपकी सफ़लता काफ़ी हद तक फ़्रेंचाइज़र की सफ़लता पर निर्भर करती है। आप जिस ब्रांड के साथ जुड़े हुए हैं उसकी मार्केट में उपस्थिति और प्रदर्शन का सीधा असर बाज़ार में आपकी स्थिति पर भी पड़ता है।

 

भारत में फ़्रेंचाइज़िंग से जुड़ी जानकारी के स्रोत

अगर आप भारत में फ़्रेंचाइज़िंग ( best franchise opportunities in India) के ज़रिये अपना व्यापार शुरू करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको सबसे पहले अधिक से अधिक जानकारी जुटानी चाहिए (how to franchise a business)। इसके लिए आप ऑनलाइन एवंऑफ़लाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर सकते हैं।(how to start a franchise)

आप फ़्रेंचाइज़ इंडिया (Franchise India) की वेबसाइट पर भी इस विषय में जानकारी पा सकते हैं और अपने चुनिंदा व्यवसाय एवं बजट के अनुरूप उपयुक्त फ़्रेंचाइज़ ले सकते हैं।

इसके साथ ही आप अधिक जानकारी के लिए फ़्रेंचाइज़िंग का अनुभव रखने वाले उद्यमियों, विशेषज्ञों, एवं व्यावसायिक संस्थानों से भी संपर्क कर सकते हैं।

क्या आपको कोई विशेष फ़्रेंचाइज़ पसंद है? फ़्रेंचाइज़ के जरिये व्यवसाय करने के बारे में आपकी क्या राय है? हमें अपने विचार जरुर लिखें।

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