प्रेरणादायक कहानियाँ

चमत्कारी कलम से निकले अरबों रुपये, एक दुखी माँ को मिला पूरे विश्व के बच्चों का प्यार

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इस प्रेरणा से भरी कहानी की शुरुआत हिंदी के महान कवि श्री मैथिलिशरण गुप्त की एक मशहूर कविता की दो पंक्तियों से करना चाहूँगा – ”नर हो, न निराश करो मन को, कुछ काम करो, कुछ काम करो.”

हमारी कहानी की नायिका जे. के. रोलिंग (J.K. Rowling) ने इस कविता के एक-एक शब्द को अपने जीवन के सबसे कठिन पल में जीया और अपनी लेखनी से उस बुरे वक़्त को ना सिर्फ बदला बल्कि इस दुनिया को हैरी पॉटर (Harry Potter) नाम का एक प्रसिध्द चरित्र दिया जिसकी कहानियों और मूवीज से पूरी दुनिया के बच्चों को ढेर सारी खुशियाँ मिलीं. हैरी पॉटर के चरित्र के नाम पर एक बहुत बड़ा बिज़नेस बना जिसमें किताबें, कपड़े, खिलौने, मूवीज (Movies), स्टूडियो (Studio) इत्यादि शामिल हैं.
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बहुत कम लोगों को शायद यह पता होगा कि हैरी पॉटर सीरीज की पहली किताब छपने से पहले जे. के. रोलिंग का जीवन बहुत ही कठिनाईयों में कटा और वो एक तलाकशुदा अकेली माँ थीं जो ब्रिटेन के गरीब कल्याण की योजनाओं के तहत सरकार से मिले पैसों में किसी तरह अपना गुजर-बसर करती थीं. वो उन विषम परिस्थितियों में कई बार थोड़े समय के लिए निराश हुईं परन्तु फिर अपनी पूरी ताकत जुटा कर हैरी पॉटर सीरीज की पहली किताब ‘हैरी पॉटर ऐंड द फिलोसोफर्स स्टोन्स’ ( Harry Potter and the Philosopher’s Stones) को पूरा करके अपना जीवन बदलने का सफ़र शुरू किया.

जे. के. रोलिंग का बचपन और पहली शादी का समय

जे. के. रोलिंग का जन्म ३१ जुलाई १९६५ को इंग्लैंड में हुआ और उनका बचपन का नाम जोआन रोलिंग था. जोआन को बचपन से ही किताबें पढ़ने और कहानियाँ लिखने का शौक था. ६ वर्ष की उम्र में नन्ही जोआन ने एक खरगोश की कहानी लिखी जिसको नाम दिया ‘रैबिट’ और ११ वर्ष की उम्र में उसने एक उपन्यास (Novel) लिखा जो ७ शापित हीरों और उसको रखने वालों के बारे में था.

पढ़ाई पूरी करने के बाद, जोआन लन्दन में नौकरी करने लगीं. उनको हैरी पॉटर का आइडिया १९९० में आया जब वो मैनचेस्टर से लन्दन की एक लेट हुई ट्रेन में बैठीं थीं और अगले ५ सालों तक उन्होंने हैरी पॉटर सीरीज की ७ किताबों का काल्पनिक चित्र बनाया. अपनी पहली किताब लिखते हुए ही जोआन पुर्तगाल चली गयीं जहाँ उन्होंने अंग्रेजी भाषा पढ़ाना शुरू कर दिया. १९९२ में जोआन ने एक पुर्तगाली से शादी की और १९९३ में उनकी पहली बेटी जेसिका का जन्म हुआ. जोआन की शादी बहुत ज्यादा दिन तक नहीं चली और १९९३ के अंत में टूट गयी. दुःख में डूबी जोआन अपनी बेटी और हाथ से लिखे हैरी पॉटर की पहली किताब के ३ अध्याय लेकर यू.के. आ गयीं और स्कॉटलैंड के एडिनबरा (Edinburgh) शहर में रहने लगीं.

हैरी पॉटर से दुनिया का परिचय

गरीबी का यह समय जोआन की जिंदगी में सबसे कठिन था परन्तु अपनी लेखनी पर भरोसा करते हुए उन्होंने पहली किताब पूरी की और बुक पब्लिशर्स से संपर्क करना शुरू कर दिया. काफी निराशा के बाद लन्दन के प्रकाशक, ब्लूम्सबरी (Bloomsbury) ने जून १९९७ में हैरी पॉटर सीरीज की पहली किताब प्रकाशित किया जिसमें लेखक का नाम जे.के. रोलिंग रखा गया क्योंकि प्रकाशक को लगा कि इस तरह का नाम ज्यादा अपीलिंग (Appealing) होगा. जे.के. रोलिंग का पूरा मतलब जोआन कैथलीन रोलिंग है जिसमे कैथलीन उनकी दादी का नाम है.

हैरी पॉटर की पहली मूवी वार्नर ब्रदर्स (Warner Bros.) ने २००१ में रिलीज़ की और आने वाले सालों में हैरी पॉटर की किताबें और फ़िल्में इतनी मशहूर हुईं कि आज हैरी पॉटर का नाम हर एक बच्चा जानता है.

दया की देवी – जे.के. रोलिंग

२००४ तक जे.के. रोलिंग का नाम फोर्ब्स (Forbes) के बिलिओनर्स (Billionaires) लिस्ट में आ गया जो दुनिया के उन अमीरों की लिस्ट होती है जिनके पास १ अरब अमेरिकन डॉलर से ज्यादा की सम्पत्ति है. जे.के. रोलिंग को बहुत सारे इनाम और सम्मान भी मिले परन्तु उन्होंने सिर्फ अपनी कल्पनाओं को ही उड़ने दिया, खुद के पैर हमेशा जमीन पर रखे और खूब दान करती रहीं. उन्होंने अपनी बहुत सारी सम्पत्ति चैरिटेबल संस्थाओं को दे दी और २०११ में $१६० मिलियन दान करने की वजह से वह अरबपतियों की लिस्ट से बाहर हो गयीं क्योंकि उनकी सम्पत्ति एक अरब अमेरिकन डॉलर से कम हो गयी. जोआन एक अकेली माँ होने की कठिनाइयों को आज भी नहीं भूली हैं और अपने दान-पुण्य के काम में वो ऐसी संस्थाओं को खासकर के पैसे देतीं हैं जो बच्चों और अकेली माँ या अकेले बाप को सहयोग करते हैं.

बिज़नेस कहानी की राय

अब तक हैरी पॉटर की किताबें दुनिया भर में ७८ भाषाओँ में प्रकाशित हो चुकी हैं और ४५ करोड़ से भी ज्यादा प्रतियाँ बिक चुकी हैं. फिल्मों, कपड़ों और थीम पार्क (Theme Park) इत्यादि से आने वाले प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष पैसों का तो हिसाब भी लगाना मुश्किल है. एक लेखिका की कल्पना से इतना बड़ा बिज़नेस बनेगा, शायद यह बात किसी ने भी नहीं सोची होगी. हम अपने हिंदी पाठकों को प्रेरित करना चाहेंगे कि रचनात्मक काम को अगर पूरी लगन और सही तरीके से किया जाए तो इससे एक बड़े बिज़नेस का जन्म हो सकता है. किताबें, फ़िल्में, पेन्टिंग, मोबाइल गेम्स जैसे कामों में अगर आपकी दिलचस्पी है तो उसको मन के कोने में मत छुपने दीजिये, दुनिया के सामने लाने से ही उसके मूल्य का पता चलेगा. जैसा कि हम हमेशा कहते हैं, सही मार्गदर्शन से एक विचार को बहुत बड़े बिज़नेस का रूप मिल सकता है इसलिए कभी भी अपनी आइडिया को शेयर करने में हिचकिचाहट मत दिखाइये और तुरंत किसी अच्छे सलाहकार से बात करिये.

हम आशा करते हैं कि आपको हमारी यह कहानी पसंद आयी होगी और आप इसको ज्यादा से ज्यादा शेयर करके हमारा मनोबल बढ़ाएंगे ताकि हम आपका परिचय दुनिया की अच्छी से अच्छी बिज़नेस कहानियों से कराते रहें.

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