व्यापार मंत्र

स्टार्टअप की सफ़लता के लिए सही टीम का चुनाव है ज़रूरी – अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता

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एक स्टार्टअप को सफ़ल बनाने के लिए आपके पास एक शानदार बिज़नेस आइडिया का होना जितना ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी है उस पर सही तरीके से काम करना। क्योंकि कोई भी योजना सही मायने में तभी कारगर साबित होती है जब उसे ठीक तरह अमल में लाया जाता है।

इसी प्रकार जब आप अपना स्टार्टअप शुरू करने की योजना बनाते हैं तो उसे सही ढंग से चलाने और सफ़ल बनाने के लिए आपको कुछ ख़ास बातों का ध्यान रखना होता है। और इन्हीं में से एक है, अपने स्टार्टअप की ज़रुरत के मुताबिक़ एक सही टीम का चुनाव करना।

स्टार्टअप के लिए बुनियादी टीम क्यों है ज़रूरी

पुरानी कहावत है – “अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता”, और ऐसा ही स्टार्टअप्स शुरू करने वाले उद्यमी के साथ भी है।

किसी भी उद्यमी की क़ाबिलियत सिर्फ़ एक बेहतरीन प्रॉडक्ट बनाने, उसके लिए उपयुक्त मार्केट चुनने और स्टार्टअप शुरू करने तक ही सीमित नहीं होती, बल्कि इसके अलावा और भी अनेकों बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने की ज़िम्मेदारी भी उसके कन्धों पर होती है।

लेकिन एक अकेला इंसान कितने काम संभालेगा और कैसे? भले ही आपके पास किसी काम से जुड़ी सारी जानकारी क्यों न हो, उसे अमल में लाने और उस पर योजनाबद्ध तरीके से काम करने के लिए आपको एक अच्छी और अनुभवी टीम की ज़रुरत होती है।

इसके लिए सबसे ज़रूरी होता है, एक ऐसी टीम का चुनाव करना जो आपके स्टार्टअप की स्थिति और कार्यशैली के अनुकूल हो।

अगर आँकड़ों की बात करें तो अधिकतर सफ़ल स्टार्टअप्स में से लगभग 84% सह-संस्थापकों (को-फाउंडर्स) द्वारा स्थापित और संचालित होते हैं। इनमें भी 50% सह-संस्थापक एक ही परिवार के सदस्य या फ़िर अच्छे दोस्त होते हैं और तक़रीबन 24% सह-संस्थापक साथ में काम कर चुके पुराने सहकर्मी होते हैं।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हर एक फ़ैसले के कुछ अपने फ़ायदे होते हैं और कुछ नुकसान भी। ठीक उसी तरह परिवार और दोस्तों के साथ काम करने का एक सबसे बड़ा फ़ायदा यह है कि सह-संस्थापकों में आपसी समझ, विश्वास और समर्थन बना रहता है।

लेकिन ऐसे स्टार्टअप्स के असफ़ल होने पर सह-संस्थापकों के आपसी संबंधों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही टीम के सदस्यों की सोच और दृष्टिकोण में समानता होने के कारण कई बार व्यवसाय में नवीनता का अभाव भी हो जाता है।

दूसरी ओर, किसी पुराने सहकर्मी के साथ काम करने का यह फ़ायदा होता है कि आप एक ऐसी टीम बनाने में सक्षम होते हैं जिसका ध्यान अपने लक्ष्य तक पहुँचने और उसके लिए योजनाबद्ध ढंग से काम करने पर केंद्रित होता है।

किसी भी स्टार्टअप के उचित प्रबंधन के लिए एक कुशल बुनियादी टीम का एकजुट होकर काम करना बहुत ज़रूरी है। यही कारण है कि अधिकतर इन्वेस्टर्स किसी स्टार्टअप में निवेश करने से पहले उसके संस्थापक और प्रॉडक्ट के साथ ही उसकी पूरी टीम का भी आँकलन करते हैं।

स्टार्टअप की बुनियादी टीम में संतुलन का होना भी बेहद ज़रूरी है जिससे कि टीम के सभी सदस्यों के मध्य जिम्मेदारियों, अनुभव, आपसी समझ एवं दृष्टिकोण का बेहतरीन तालमेल स्थापित हो सके। इसके लिए सभी सदस्यों के पास उनके कौशल के अनुरूप कार्य की ज़िम्मेदारी और फ़ैसला लेने का अधिकार होना आवश्यक है।

सभी सदस्यों के कार्यभार के अनुरूप उन्हें मिलने वाले प्रतिफल (कंपनी में हिस्सेदारी या तय वेतन) के बारे में भी पहले ही खुलकर बात कर लेनी चाहिए ताकि भविष्य में इन सब मुद्दों को लेकर कोई असहमति या मनमुटाव उत्पन्न ना हो।

अपने स्टार्टअप के लिए एक उम्दा टीम का चुनाव कैसे करें?

स्टार्टअप के लिए टीम का चुनाव करते समय निम्न बातों को ध्यान में रखना आवश्यक है।

1 – अपने मज़बूत और कमज़ोर पक्षों का सटीक आंकलन करें। जो कौशल आप में हैं, उनसे जुड़े काम को ख़ुद संभालें और जिन विषयों और कौशल पर आपकी पकड़ कमज़ोर हो, उनके लिए उसकी अच्छी समझ रखने वाले किसी व्यक्ति का चुनाव करें।

 जैसे कि अगर आप व्यावसायिक समझ तो बहुत अच्छी रखते हैं लेकिन तकनीकी पक्ष से आपका दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है, तो बेहतर यही होगा कि उससे जुड़े काम के लिए किसी तकनीकी विशेषज्ञ को साथ लिया जाये।

2 – किसी भी बिज़नेस की सफ़लता के लिए संस्थापकों की क़ाबिलियत के साथ पूरी टीम का अनुभव और कौशल मायने रखता है। इसलिए टीम चुनते समय इस बात को ज़रूर ध्यान में रखें।

3 – आप अपनी टीम में ऐसे सदस्यों को शामिल करें जो अपने काम के साथ समय की प्रतिबद्धता को लेकर भी सजग हों।

कई बार ऐसा होता है कि कुछ सदस्य आपके साथ पार्ट-टाइम काम करके भी फुल टाइम सदस्य से ज्यादा सहयोग देते हैं। इसलिए ऐसे सदस्यों का चुनाव करें जिनके साथ काम करने को लेकर आप पूरी तरह आश्वस्त हों।

4 – आप किस तरह की टीम बनाना चाहते हैं, कैसे व्यक्तित्व वाले लोगों के साथ काम करने में सहज महसूस करते हैं, उनके साथ किस तरह काम करना चाहते हैं, अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए आपकी क्या योजनायें हैं- इन सभी बातों पर अच्छी तरह विचार करके अपने पास लिखित रूप में रखें।

5 – कई बार ऐसा भी होता है कि आपके साथ जुड़ने वाले टीम के सदस्य आपको पहले से ही जानते हैं। भले ही आपको उनके साथ काम करने के लिए किसी औपचारिक इंटरव्यू की ज़रूरत ना हो लेकिन फ़िर भी आपको उन्हें औपचारिक (formal) ऑफऱ तो देना ही चाहिए।

अगर उनके साथ वेतन या हिस्सेदारी को लेकर बातचीत करने में थोड़ी बहुत झिझक भी हो, तब भी।

6 – अपनी टीम के लिए ऐसे सदस्यों का चुनाव करें जो आपके स्टार्टअप के उद्देश्य और लक्ष्य को समझें तथा आपके साथ काम करने में सहज और उत्साहित भी हों। इससे काम का माहौल भी अच्छा रहता है और साथ ही उसका नतीज़ा भी मन मुताबिक़ मिलता है।

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