व्यापार मंत्र

सही मेन्टर को कैसे ढूंढें और कैसे पायें उसका साथ – How to find the right mentor?

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किसी भी व्यक्ति के व्यावसायिक या व्यक्तिगत जीवन में एक में की बहुत अहम भूमिका होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ‘मेंटर’ (mentor) यानि ‘परामर्शदाता’ या ‘मार्गदर्शक’ वह अनुभवी व्यक्ति होता है जो अपने अनुभवों और ज्ञान को अपने से कम अनुभवी व्यक्ति यानि ‘मेंटी’ (mentee) के साथ बाँटकर उसका मार्गदर्शन करता है।

 

यह भी पढ़ें : बिज़नेस की सफलता के लिए एक विश्वसनीय परामर्शदाता (Mentor) की महत्वपूर्ण भूमिका

 

 हम सभी को जीवन में कभी ना कभी एक ऐसे मेंटर की ज़रूरत होती है जो हमारी परिस्थिति के अनुसार उस समय हमारा उचित मार्गदर्शन कर सके। हालांकि यह तभी संभव है जब हम अपने लिए एक उपयुक्त मेंटर का चुनाव करें।

अगर आप अपने व्यावसायिक क्षेत्र के किसी सफ़ल और अनुभवी व्यक्ति से प्रभावित हैं और उसे अपना मेंटर (business mentor) बनाना चाहते हैं तो ख़ुद से पहले ये सवाल ज़रूर पूछें।

  1. क्या वह व्यक्ति आपका उचित मार्गदर्शन करने और आपकी सहायता करने में सक्षम है?

 

  1. क्या वो आपके कार्यक्षेत्र से संबंध रखते हैं?

 

  1. क्या पहले कभी उनके सुझाव अमल करने योग्य रहे हैं? क्या उनके द्वारा दिए गए किसी परामर्श से कभी आपको सही निर्णय लेने में मदद मिली है?

 

  1. क्या वो आपकी समस्या को सुलझाने और आपका मार्गदर्शन करने के इच्छुक हैं?

 

  1. क्या वो आपकी बातों पर ध्यान देते हैं? क्या उन्हें आपका और आपसे संबंधित विषयों का स्मरण रहता है या हर बार उनसे मिलने पर आपको उन्हें अपना परिचय देना पड़ता है?

 

  1. क्या आप अपने कार्य के प्रति सजग और गंभीर हैं?

 

  1. क्या आपके पास उनकी मदद या उनका मार्गदर्शन चाहने के स्पष्ट कारण हैं?

 

  1. क्या आप उन्हें अपनी बात ठीक तरह समझा पाएंगे? क्या अपनी बात उनके समक्ष रखने में आपको कोई असुविधा या हिचकिचाहट होगी?

 

  1. क्या आप अपने व्यवसाय या कार्य की समस्याएँ और चुनौतियाँ उनके समक्ष व्यक्त करने में ईमानदार हैं?

 

  1. क्या वो आपके लिए एक उपयुक्त मार्गदर्शक और शिक्षक हैं?

 

जब आप यह निश्चित कर लें कि आप अपना मेंटर किसे और क्यों बनाना चाहते हैं तो उनसे इस विषय में संपर्क करें। लेकिन ऐसा करते समय निम्न बातों का ध्यान अवश्य रखें।

किसी विशिष्ट मुद्दे के विषय में उनका मार्गदर्शन माँगें

किसी को अपना मेंटर बनने के लिए निवेदन करने से पहले ये निर्धारित कर लें कि आपकी कौन सी ऐसी समस्या है जिसका समाधान करने के लिए आप उनसे परामर्श लेना चाहते हैं। इसके लिए अपने व्यवसाय या कार्य से संबंधित किसी विशिष्ट एवं महत्त्वपूर्ण मुद्दे को चुनें।

क्योंकि अगर आप किसी बहुत सामान्य सी व्यावसायिक चुनौती या समस्या के विषय में उनसे सुझाव माँगेंगे तो वह व्यावहारिक रूप से अनुचित होगा। इससे सामने वाले व्यक्ति को आपकी मदद करना अपना समय बर्बाद करना लगेगा। हो सकता है ऐसा होने के बाद वो आपका मेंटर बनने का इच्छुक न रहे।

 

शुरुआत में मेंटर से मिलने के लिए सीमित समय ही माँगें

किसी को भी अपना मेंटर बनाने के लिए इस बात का ध्यान रखें कि कोई इंसान आपका मार्गदर्शक बन सकता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि हर समय वो आपके लिए उपलब्ध रहे। यदि ऐसी किसी तरह की प्रतिबद्धता न हो तो कोई भी व्यक्ति आपसे जुड़ने में और आपको समय देने में ज़्यादा सहज महसूस करेगा।

इसलिए शुरुआत में उनके schedule के अनुसार उनसे मिलने के लिए कम से कम समय माँगें ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। अगर आपकी पहली मुलाक़ात सफ़ल रहती है तो आप भविष्य में उनकी सुविधानुसार उनसे थोड़ा ज़्यादा समय भी माँग सकते हैं।

अपने और मेंटर दोनों की सुविधानुसार schedule निर्धारित करें

एक निश्चित समयांतराल पर मिलते रहने से आपके और आपके मेंटर के बीच एक सही तालमेल बना रहता है। साथ ही आप अपनी मौजूदा परिस्थितियों और प्रगति से उन्हें समय-समय पर अवगत भी कराते रहते हैं। इससे उन्हें भी आपका मार्गदर्शन करने में आसानी होती है और आप एक निरंतर गति से आगे बढ़ते हैं।

इसलिए अपने भावी मेंटर से मिलने के लिए आप एक नियमित समयांतराल निर्धारित करें। जैसे कि आप महीने में दो या तीन बार जब भी संभव हो सके, उसके अनुसार मीटिंग का एक नियमित शेड्यूल बना सकते हैं।

 

हर मीटिंग में अपनी प्रगति का आंकलन करें

अपने मेंटर से एक नियमित अंतराल पर मुलाक़ात करने के साथ ही उन्हें लगातार अपनी प्रगति से अवगत कराना भी आवश्यक है। इससे उन्हें आपको आपकी परिस्थति के अनुसार सही परामर्श देने में आसानी रहती है। साथ ही समय-समय पर उनके साथ अपनी प्रगति का आंकलन करते रहने से आपको भी अपने प्रयासों और योजनाओं के कार्यान्वयन में सहायता मिलती है।

अपने मेंटर के व्यावसायिक लक्ष्यों (Business targets) और उद्देश्यों (objectives) को भी जानें

हर मीटिंग को केवल अपने लक्ष्यों और उन्हें पाने के लिए आवश्यक ठोस क़दमों के विषय में चर्चा करने तक ही सीमित न रखें। अपने मेंटर के व्यावसायिक लक्ष्यों और उद्देश्यों को जानने में भी रुचि रखें। उनकी व्यावसायिक उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं के विषय में उनसे बात करें। इससे आप उनकी working style, उनके अनुभव और उनके व्यक्तित्व को और भी गहराई से जान सकेंगे।

 

अपने मेंटर के समक्ष स्पष्ट रूप से अपनी बात रखें

अपने कार्यक्षेत्र की चुनौतियों या व्यवसाय की बाधाओं का हल ढूँढ़ने में अपने मेंटर की मदद लेने के लिए ज़रूरी है कि आप अपनी बात को स्पष्ट रूप से उनके सामने रखें। इससे उन्हें आपकी स्थिति को समझने में सरलता होगी और उसका आंकलन करके सही सुझाव देना उनके लिए संभव हो पायेगा।

एक बात हमेशा ध्यान रखें कि एक सही मेंटर आपकी समस्या का समाधान नहीं करेगा बल्कि उसका समाधान खोजने में आपका मार्गदर्शन करेगा। इससे आप भविष्य में किसी भी दुविधा का हल ख़ुद निकाल पाने में समर्थ बनेंगे।

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