व्यापार मंत्र

रेस्टोरेंट या खान-पान (Restaurant or Food) का व्यवसाय भारत में कैसे शुरू करें – Information on starting a restaurant in Hindi

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रेस्टोरेंट या खाने के व्यापार (Restaurant or Food Business) को पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत में भी काफी सफ़ल और भरोसेमंद व्यवसाय माना जाता है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि रोटी, कपड़ा और मकान इंसान की बुनियादी जरूरतें हैं इसलिए इनसे सम्बंधित बिज़नेस का बाज़ार भी पीढ़ी दर पीढ़ी बराबर बना ही रहता है।

Starting a restaurant business in India – information in Hindi

 

समय के साथ बहुत से अच्छे बदलावों ने रेस्टोरेंट के व्यवसाय की रूप-रेखा जरुर बदली है परन्तु बाज़ार में नए मौकों की कभी भी कमी नहीं रही है। इस व्यवसाय में नवीनीकरण की सीमा व्यवसायी और उसकी परिकल्पना से भी आगे है जिसका सबसे बड़ा प्रमाण है, आये दिन दुनियाभर में नए-नए तरीके के रेस्टोरेंट का खुलना और ग्राहकों को लुभाना।

भारत में भी खाने के शौक़ीन लोगों की तादाद खूब है जिसकी वजह से आपको केवल बड़े शहरों में ही नहीं बल्कि छोटे शहरों, क़स्बों और दूर-दराज़ के इलाकों में भी अनेकों रेस्टोरेंट यानि ‘भोजनालय’ मिल जाएंगे।

जहाँ बड़े और प्रसिद्ध शहरों में आपको देशी ही नहीं विदेशी खाने का भी स्वाद मिलेगा। वहीं दूसरी ओर, छोटी जगहों पर आपको वहाँ के ख़ास प्रादेशिक व्यंजनों का आनंद मिलेगा। आप किसी भी क्षेत्र में चले जाइये, एक न एक रेस्टोरेंट तो आपको ऐसा मिल ही जायेगा जो अपने ज़ायकेदार व्यंजनों के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध होगा।

अगर आपके व्यंजनों में बढ़िया स्वाद हो, आपकी लोकेशन अच्छी हो और आपकी उपभोक्ता सेवा अव्वल दर्ज़े की हो तो आपके रेस्टोरेंट का सफ़ल होना निश्चित है। साथ ही अगर आप सही तरीके से काम करें तो इस व्यवसाय में मुनाफ़ा भी अच्छा है। यही कारण है कि बहुत से लोगों के मन में अपना रेस्टोरेंट खोलने की इच्छा होती है।

हमारे अनेकों पाठकों ने भी हमसे यह जानना चाहा है कि वे भारत में अपना रेस्टोरेंट कैसे शुरू कर सकते हैं। आज की इस पोस्ट में हम अपने उन सभी पाठकों और आपके लिए इस विषय से संबंधित जानकारी लेकर हाज़िर हैं।

आइये भारत में रेस्टोरेंट व्यवसाय शुरू करने के महत्वपूर्ण चरणों के बारे में जानते हैं।

 

समर्पण के साथ कड़ी मेहनत को रहें तैयार

किसी भी अन्य व्यवसाय की ही भांति रेस्टोरेंट के व्यवसाय में प्रवेश करने और उसमें सफ़ल होने के लिए आपको कड़ी मेहनत, समर्पण और धैर्य की ज़रुरत होती है।

इस क्षेत्र में क़दम रखने से पहले ख़ुद से यह सवाल ज़रूर करें कि क्या आप इस काम के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और इसमें अपना सौ प्रतिशत योगदान देने को तैयार हैं? अगर ज़वाब ‘हाँ’ में मिलता है तो पूरे विश्वास के साथ आगे क़दम बढ़ाइए।

 

सबसे पहले योजना बनायें

कोई भी नया व्यवसाय शुरू करने से पहले आपके पास एक ठोस योजना होनी चाहिए। अगर आप अपना रेस्टोरेंट शुरू करना चाहते हैं तो सबसे पहले उससे संबंधित सभी आवश्यक जानकारी एकत्रित करें और उसके अनुसार ही अपनी योजना बनाएं। तय करें कि आप किसी प्रसिद्ध रेस्टोरेंट की फ़्रेंचाइज़ी लेंगे या फिर अपना ख़ुद का ही रेस्टोरेंट शुरू करेंगे।

 

रेस्टोरेंट की प्रकृति का निर्धारण करें

रेस्टोरेंट व्यवसाय की शुरुआत करने लिए आपके पास एक उपयुक्त खाद्य अवधारणा (Food Concept) का होना आवश्यक है। इसके लिए अपने संसाधनों, स्थान एवं लक्षित उपभोक्ताओं (Target Customers) की रुचि और उनके ख़र्च करने की क्षमता के आधार पर यह निर्धारित करें कि आप किस प्रकार का रेस्टोरेंट खोलना चाहते हैं।

उदाहरण के तौर पर आप फ़ैमिली डाइनिंग (family dining), फ़ास्ट फ़ूड (fast food), पिज़्ज़ेरिया (pizzeria) या स्थानीय व्यंजन (regional cuisines) पर आधारित एथनिक रेस्टोरेंट (ethnic restaurant) जैसे विभिन्न विकल्पों में से उपयुक्त विकल्प चुन सकते हैं।

वैसे अगर आप किसी प्रसिद्ध मॉल में रेस्टोरेंट खोलना चाहते हैं तो पिज़्ज़ेरिया (पिज़्ज़ा बेचने वाला रेस्टोरेंट) अथवा फ़ास्ट फ़ूड रेस्टोरेंट सबसे बढ़िया चलने वाले विकल्प हैं।

 

उपयुक्त थीम, साजसज्जा, मेनू और सर्विंग स्टाइल का चुनाव करें

एक बार जब आप यह निश्चित कर लें कि किस तरह का रेस्टोरेंट खोलना है तो उसके अनुसार ही उपयुक्त थीम (theme), साज-सज्जा (interior decoration), मेनू (menu) और खाना परोसने के तरीके (serving style) का चुनाव करें।

अगर आप चाहें तो इसके लिए परंपरागत तरीकों से अलग हटकर कुछ नया, रचनात्मक और आकर्षक तरीका भी अपना सकते हैं जो आपके ग्राहकों के मन को भाये और उन्हें विशिष्टता का अनुभव भी कराए।

अपने खाने का मेनू बनाते समय यह ध्यान रखें कि आपके लक्षित ग्राहकों को क्या पसंद है। आपके प्रतिस्पर्धी अपने ग्राहकों को कौन से व्यंजन उपलब्ध करा रहे हैं।

साथ ही यह भी पता कर लें कि जो व्यंजन आप चुन रहे हैं उसे बनाने के लिए किसी विशेष मशीनरी या विशेषज्ञ की ज़रुरत तो नहीं पड़ेगी। रेस्टोरेंट के लिए आवश्यक कच्ची खाद्य समाग्री एवं अन्य संसाधनों के आपूर्तिकर्ताओं का भी पता लगाएं और उनसे संपर्क करें।

 

लागत की गणना करें

किसी भी नए व्यवसाय को शुरू करने से पहले उसमें आने वाली सारी लागत के विषय में अधिक से अधिक जानकारी जुटाना बहुत ज़रूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि व्यापार की स्थापना और उसके संचालन के लिए उसमें आने वाली लागत के अनुरूप पर्याप्त पूँजी का प्रबंध होना अनिवार्य है।

ऐसा ना होने पर पर्याप्त पूँजी के अभाव में योजनाबद्ध तरीके से काम कर पाना आपके लिए संभव नहीं होगा और आप अपनी योजनाओं को सही रूप से अमल में नहीं ला पायेंगे। इसलिए रेस्टोरेंट से जुड़े सभी तरह के पूर्वनिर्धारित एवं संभावित ख़र्चों का पता लगाएं और उनकी सटीक गणना ज़रूर करें।

 

बिज़नेस प्लान बनायें

व्यवसाय चाहे कोई भी हो उसकी स्थापना और संचालन में बिज़नेस प्लान (restaurant business plan) का सबसे महत्वपूर्ण योगदान होता है। कहने को तो यह महज़ एक दस्तावेज़ है लेकिन यही दस्तावेज़ आपके व्यवसाय की नींव रखने से लेकर उसकी सफ़लता के निर्धारण में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इसलिए अगर आप अपना रेस्टोरेंट का व्यवसाय शुरू करने की तैयारी में हैं तो उसके लिए एक बिज़नेस प्लान ज़रूर बनाएं।

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बिज़नेस प्लान है व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज – How To Write A Business Plan In Hindi?

पर्याप्त पूँजी की व्यवस्था करें

आवश्यक पूँजी का हिसाब लगाने के बाद अपनी जमा-पूँजी देखें और निर्धारित करें कि उसमें बात बनती है या नहीं। यदि बात नहीं बनती है तो आपको व्यापार के लिए पूँजी जुटाने के विकल्पों पर विचार करना पड़ेगा जिसमें बैंक से व्यापार ऋण (business loan), प्राइवेट या एंजल निवेशकों का निवेश अथवा वेंचर कैपिटल का निवेश संभव हो सकता है।

नए उद्यमियों को ऋण देने में बैंक कभी-कभी थोड़ा कतराते हैं। इसलिए बैंक या वित्तीय संस्थानों से ना सुनने के लिए तैयार रहें और अन्य निवेशकों से भी संपर्क करें या फ़िर अपने परिवार के सदस्यों, दोस्तों या रिश्तेदारों से मदद लेने की कोशिश करें।

इसके अलावा अपने व्यवसाय के लिए आप एक साझेदार भी ढूंढ सकते हैं। लेकिन साझेदार का चुनाव बहुत सोच-विचार के बाद ही करें ताकि भविष्य में किसी मतभेद के कारण कोई परेशानी ना उठानी पड़े।

रेस्टोरेंट शुरू करने के साथ-साथ अगले छह महीने तक उसे सुचारू रूप से चलाने के लिए पर्याप्त पूँजी की व्यवस्था पहले से करें। इसमें खाद्य सामग्री, बिजली एवं पानी का बिल, कर्मचारियों की तनख़्वाह तथा रखरखाव आदि सभी ख़र्चों को जोड़ कर चलें। इसके अलावा कुछ अतिरिक्त पूँजी भी अलग बचाकर रखें जो आकस्मिक ख़र्चों को पूरा करने में काम आ सके।

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क्या आप व्यापार के लिए पूँजी जुटाना चाहते हैं ? सीखिए एक अच्छी इन्वेस्टर पिच डेक (Pitch Deck) बनाना.

 

उपयुक्त स्थान का चुनाव करें

रेस्टोरेंट की सफ़लता या विफ़लता में उसकी लोकेशन यानि स्थान का सबसे बड़ा हाथ होता है। इसलिए ऐसे स्थान का चयन करें जो क़ानूनी रूप से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आवंटित हो और साथ ही जहाँ अच्छी तादाद में भीड़भाड़ भी रहती हो। उदहारण के लिए मॉल, मेट्रो स्टेशन, बाज़ार आदि रेस्टोरेंट के लिए सबसे उपयुक्त स्थान हैं।

अगर आपके पास पहले से ही ऐसे किसी मौके की जगह पर अपनी ज़मीन है तो बहुत बढ़िया बात है। अगर ऐसा नहीं है तो आप किराये पर या पट्टे (lease) पर दुकान ले सकते हैं।

 

पंजीकरण कराना और लाइसेंस एवं परमिट लेना है ज़रूरी

अपने रेस्टोरेंट का व्यावसायिक पंजीकरण कराएं। अगर किसी रेस्टोरेंट की फ़्रेंचाइज़ी (franchise) लेने की योजना हो तो उससे जुड़ी कानूनी प्रक्रिया को भी पहले पूरा करें। रेस्टोरेंट शुरू करने से पहले अपने क्षेत्र में इससे संबंधित स्थानीय सरकारी विभाग से आवश्यक लाइसेंस एवं परमिट भी प्राप्त कर लें।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI- Food Safety and Standards Authority of India) में पंजीकरण अवश्य कराएं और लाइसेंस प्राप्त कर लें। स्वास्थ्य निरीक्षक को अपने रेस्टोरेंट का निरीक्षण करने के लिए आमंत्रित करें।

 

आवश्यक संसाधन जुटाएं

एक बार सभी क़ानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद सभी तरह के आवश्यक संसाधन जुटाएं। रेस्टोरेंट की ज़रुरत और अपने बजट के अनुसार पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति करें। ध्यान रखें कि आपके खाने और ग्राहकों की सेवा में किसी तरह की कमी ना हो क्योंकि रेस्टोरेंट की सफ़लता के लिए आपके ग्राहकों की संतुष्टि सबसे अधिक मायने रखती है।

 

अपने रेस्टोरेंट का प्रचार ज़रूर करें

“जो दिखता है, वो बिकता है”, इस बात पर अमल करें। अपने बजट के अनुसार ही अपने रेस्टोरेंट का सोशल मीडिया, अख़बारों, फ़्लेक्सी बोर्डों, पैम्फलेटों अथवा रेडियो विज्ञापनों आदि विभिन्न माध्यमों द्वारा प्रचार करें। रेस्टोरेंट के मुहूर्त में किसी लोकप्रिय व्यक्ति को मुख्य अथिति के रूप में आमंत्रित करें। साथ ही अपने प्रियजनों के अतिरिक्त कुछ स्थानीय लोगों को भी कार्यक्रम में शामिल करें।

अगर आप होम डिलीवरी की सुविधा दे रहे हैं तो फ़ूडपैंडा (Foodpanda), ज़ोमैटो (Zomato) और स्विगी (Swiggy) जैसे लोकप्रिय फ़ूड डिलीवरी ऐप्स के साथ हाथ मिलाएं। इससे ग्राहकों तक आपकी पहुँच बढ़ेगी।

 

ग्राहकों की प्रतिक्रिया पर ग़ौर करें

अपने ग्राहकों की प्रतिक्रिया पर ज़रूर गौर करें। समय-समय पर अपने ग्राहकों से संवाद स्थापित करते रहें। इससे आपको उनकी पसंद-नापसंद का पता चलेगा और उनकी अपेक्षाओं को आप अच्छे से जान पाएंगे। इससे आप उन्हें बेहतर सेवा देने में सक्षम हो सकेंगे।

हम आशा करते हैं कि इस जानकारी के साथ आप अपना रेस्टोरेंट खोलने का सपना जरुर पूरा कर पायेंगे।

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एक सफल बिज़नेस शुरू करने के 10 कदम – Starting a Business in 10 Steps in Hindi

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