प्रेरणादायक कहानियाँ

नौ बार यमराज से कुश्ती लड़कर मैं मरना भूल गया क्योंकि मुझे जूस के बिज़नेस का बादशाह बनना था – I Forgot to Die

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”जब तक सांस, तब तक आस”. इस मुहावरे का अर्थ है कि जब तक आप जिन्दा हैं तब तक हर एक पल अपनी जिन्दगी बदलने का मौका मिलता है. आप बुरे रास्ते पर चाहे कितना भी दूर निकल गए हों, चाहे कितनी भी कठिनाइयों के बोझ के नीचे दबे हुये हों या जीवन में आगे का रास्ता चाहे कितना भी अंधकारमय क्यों न दिखे, हम सभी इसको बदलकर अपने भविष्य को उज्जवल बना सकते हैं. सिर्फ जरुरत है, दुबारा खड़े होकर पूरी आस्था के साथ नए लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की.

यह बिज़नेस कहानी ऐसे ही एक इंसान की है जिसकी कहानी में 14-15 वर्ष पहले किसी को कोई दिलचस्पी नहीं थी. वह अमेरिका के लॉस एंजेलेस शहर की गलियों में नशीली दवाओं के नशे में धुत पड़ा रहता था. उसका शरीर मात्र एक हाड़-मांस का ढांचा रह गया था जिसका एक-एक हिस्सा फोड़ों से भरा हुआ था और उसके जिन्दा रहने या मरने से शायद किसी को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला था. वही इंसान, खलिल रफ़ाती, आज सनलाइफ ओर्गैनिक्स (Sunlife Organics) नाम की स्वास्थ्यवर्धक जूस बनाने वाली कंपनी का मालिक है. आज का खलिल, अपने चमकते चेहरे और स्वस्थ शरीर में पूरे आत्मविश्वास के साथ दुनिया में सिर्फ अच्छाई बांटने का काम करता है.

I Forgot to Die by Khalil Rafati, Sunlife Organics

नौ बार मौत से लुकाछिपी

खलिल का जन्म अमेरिका के ओहायो (Ohio) स्टेट में हुआ और उसका बचपन समस्याओं में ही कटा. उसने ठीक से पढ़ाई नहीं की और अक्सर छोटे-मोटे झगड़ों तथा चोरियों के लिए पुलिस से पकड़ा जाता था. 1992 में हॉलीवुड (Hollywood) का फिल्म स्टार बनने का सपना लेकर 21 वर्षीय खलिल लॉस एंजेलेस आ गया और फिल्मों में काम खोजने के साथ-साथ अपना गुजारा करने के लिए खलिल लोकल बैंड में बजाने लगा तथा फ़िल्मी सितारों के कार भी धोने लगा.

फिल्मों में काम नहीं मिलने के बाद वह शीघ्र ही नशीली दवाओं के जाल में बुरी तरह फंस गया और लॉस एंजेलेस के कुख्यात स्किड रो (Skid Row) में दूसरे नशेड़ियों के साथ सड़क पर रहने लगा. यह उसकी जिंदगी का सबसे बुरा वक़्त था जब वह अपनी पहचान और आत्मविश्वास से जूझ रहा था. वह नशीली दवाइयां बेचता था, हर वक़्त नशे में धुत रहता था और क्रैक कोकीन/हेरोइन के अलावा उसका कोई सहारा नहीं था.

इस दौरान खलिल ने 9 बार नशीले पदार्थों का ओवरडोज़ लिया और मौत के दरवाजे पर पहुंचा जहाँ से बहुत मुश्किल से ही वापस आ पाया. 2003 के नौवें ओवरडोज़ के समय वह पूरा मर गया था और सिर्फ आखिरी सांस से वापस आया जब डॉक्टर ने डिफिब्रिलेटर (Defibrillator) से उसके सीने पर इलेक्ट्रिक शॉक दिया.

इस घटना के बाद खलिल ने सुधार केंद्र (Rehab Centre) पर रहते हुए जिंदगी को दुबारा जीने का फैसला लिया और दृढ़ संकल्प से नशे की आदत से छुटकारा पाया. वह फिर से लोगों के कार धोने लगा, बाग़-बगीचों की देखभाल करने लगा और दो सुधार केन्द्रों पर पार्ट टाइम नौकरी करके इज्जत की रोटी खाने लगा.

सनलाइफ ओर्गैनिक्स (Sunlife Organics) की शुरुआत

सप्ताह में पूरे 7 दिन, प्रतिदिन 16 घंटे से ज्यादा काम करके खलिल ने पैसे जोड़े और दोस्तों की मदद से कुछ सालों बाद 2007 में अपना खुद का सुधार केंद्र (Rehab Centre) शुरू कर दिया जहाँ वह नशे के चंगुल में पड़े लोगों की देखभाल करने लगा. 


इस दौरान खलिल की मुलाकात एक दोस्त से हुई जो प्राकृतिक पोषण, फलों और सब्जियों के पौष्टिक गुणों तथा विभिन्न खाद्य पदार्थों के महत्व का जानकार था. उसने खलिल का परिचय घर पर पौष्टिकता से भरे जूस बनाने से कराया और खलिल धीरे-धीरे प्रयोग करके स्वादिष्ट जूस बनाने लगा. वह खुद भी पीता था और अपने सुधार केंद्र पर रहने वाले लोगों को पिलाने लगा जिसका सबके स्वास्थ्य पर बहुत ही अच्छा असर हुआ. खलिल के जूस की चर्चा आस-पास के लोगों में होने लगी और लोग उसके सुधार केंद्र पर आकर जूस खरीदने लगे.

खलिल को एहसास हो गया कि उसके जूस की मांग काफी बढ़ रही है और वह एक अच्छा बिज़नेस बना सकता है. इस तरह 2011 में सनलाइफ ओर्गैनिक्स (Sunlife Organics) का जन्म हुआ. खलिल ने खुद के पैसों और एक दोस्त के इन्वेस्टमेंट से कैलिफ़ोर्निया के मलिबू (Malibu) शहर में सनलाइफ ओर्गैनिक्स की पहली ब्रांच खोली और पहले ही साल लगभग 10 लाख डॉलर (तकरीबन 6.40 करोड़ रुपये) की कमाई हुई.

आज सनलाइफ ओर्गैनिक्स की 6 शाखाएं हैं और लगभग 200 से ज्यादा लोग यहाँ काम करते हैं. इन दुकानों पर अब जूस के साथ-साथ पौष्टिक खाने और कपड़ों की भी बिक्री की जाती है.

आज खलिल एक सफल व्यापारी के रूप में जाना जाता है जो सिर्फ निजी जेट (Private Jet) में सफ़र करता है. उसने अपनी आत्मकथा भी प्रकाशित की जिसका नाम दिया – I Forgot To Die (मैं मरना भूल गया) और खलिल की कहानी दुनिया के बड़े-बड़े अखबारों और पत्रिकाओं में भी छपी. खलिल का प्रेरणा से भरा इंटरव्यू बहुत से टीवी चैनलों, रेडियो और इन्टरनेट के बिज़नेस चैनलों पर प्रसारित हुआ है.

बिज़नेस कहानी की राय

खलिल के जीवन में हुए इस महापरिवर्तन की कहानी बहुत ही रोचक और प्रेरणादायक है. सनलाइफ ओर्गैनिक्स की वेबसाइट पर खलिल ने लिखा है कि उसने अपनी कंपनी के प्रतीक चिन्ह (Logo) में गुलाबी रंग के कमल का फूल चुना क्योंकि कमल का फूल अन्धकार और कीचड़ में खिलते हुए भी एक खूबसूरत और गुणवान फूल होता है. हम उम्मीद करते हैं और परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हमारे किसी भी हिंदी पढ़ने वाले भाई या बहन के जीवन में इतना बुरा समय ना हो परन्तु साथ में प्रोत्साहित भी करेंगे कि यदि ऐसी कोई हताशा और निराशा हो तो शोक मनाने के बजाय अपनी स्थिति को बदलने के लिए प्रयत्न करिए. अपने जीवन की पुरानी कहानियों को भुलाना बहुत जरूरी है क्योंकि नई कहानी को नई सोच से ही लिखा जा सकता है. इस ब्रह्माण्ड में बहुत सी ऐसी शक्तियाँ हैं जो आपको सफल बनाने के लिए आपका साथ देने आतीं हैं लेकिन पहला कदम और उसके आगे की मेहनत आपको ही करनी है. अपने अगल-बगल देखिये, आपको बहुत से मौके दिखेंगे और अगर आप कोशिश करेंगे तो बहुत से लोग आपकी सहायता के लिए आगे आयेंगे.

हम आशा करते हैं कि यह कहानी आपको अच्छी लगी होगी और आप इसको जरूर शेयर करेंगे ताकि किसी का भला हो सके. खुशी बांटने से खुशी बढ़ती है, उम्मीद बांटने से दुनिया में उम्मीद बढ़ती है और हमारा समाज आगे बढ़ता है.

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