प्रेरणादायक कहानियाँ

एक दिहाड़ी के मजदूर ने बनाई करोड़ों की कॉफ़ी- Jimmy’s Iced Coffee

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हम सभी लोगों ने अनगिनत कहानियां सुनी हैं जहाँ एक सामान्य इंसान अपने दृढ़ संकल्प से आसमान की ऊचाईयों को छू सकता है. कहते हैं कि हम सभी के अन्दर अपना सुनहरा भविष्य लिखने की क्षमता होती है. इस दुनिया में हर एक चीज कम से कम दो बार बनती है, एक बार हमारे दिमाग में और दूसरी बार वास्तविकता में. आज हम ऐसे ही एक प्रेरणादायक बिज़नेस कहानी के बारे में आपको बताएँगे जिसमें एक भाई ने अपनी बहन के सहयोग से 6 वर्षों के अन्दर एक बहुत ही सफल बिज़नेस बनाया. एक व्यक्ति जिसकी कोई निश्चित नौकरी नहीं थी जो दिन में एक दिहाड़ी का मजदूर था और शाम के समय एक जलपरी की वेश भूषा में स्टेज पर मनोरंजन करता था. जी हाँ, इस दिहाड़ी के मजदूर ने एक iced coffee (beverage) का बिज़नेस शुरू किया जो कि आज यूनाइटेड किंगडम के सभी बड़े सुपर स्टोर्स में बिकती है और देखते ही देखते 25 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का कारोबार करने लगी. आज हम बात करेंगे जिमी’स आइस्ड कॉफ़ी की और इसके संस्थापक जिमी क्रेगन और उनकी बड़ी बहन सूजी क्रेगन की जिन्होंने निश्चय और निडर व्यवहार से अपने जीवन को पूरी तरह से बदल डाला.

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कैसे आया आइडिया ?

Jimmy इग्लैंड के डोरसेट शहर में रहने वाला एक दिहाड़ी मजदूर और शाम को छोटे मोटे समारोहों में मनोरंजन करने वाला एक सामान्य आदमी था. 27 वर्ष की उम्र में जिमी अपनी रोज़ मर्रा की जिंदगी से ऊब गया था और उसको कुछ पता नहीं था कि आगे क्या किया जाए. जिमी ने अपनी सभी जमा पूंजी इकठ्ठा की और वर्ष 2008 में अपनी प्रेमिका (अब पत्नी) के साथ 5 महीने के लिए ऑस्ट्रेलिया घूमने चला गया और सोचा कि शायद कुछ आगे करने का रास्ता मिलेगा. ऑस्ट्रेलिया में दोनों एक शहर से दूसरे शहर गाड़ी से घूमते रहते थे और हाईवे के पेट्रोल पंप की दुकानों में बिकने वाली किसान यूनियन की स्वादिष्ट iced coffee खूब पीते थे क्योंकि यह उनको लम्बी ड्राइविंग के लिए जगा के रखती थी. उन दिनों ब्रिटेन में कोल्ड कॉफ़ी और बर्फीली कॉफ़ी तो बिकती थी मगर उनका स्वाद ऐसा नहीं था जैसा जिमी को ऑस्ट्रेलिया की कॉफ़ी में मिला. जिमी ने सोचा कि अगर मुझे ऐसी अच्छी iced coffee का स्वाद यू.के. में चाहिए तो खुद ही बनाना पड़ेगा. उसने कभी भी नहीं सोचा था कि उसका यह जूनून एक दिन इतना बड़ा बिज़नेस बन जायेगा.

एक छोटी शुरुआत

जिमी को पता था कि यह उसके अकेले के बस की बात नहीं है इसलिए वह अपनी बड़ी बहन सूजी के पास मदद के लिए गया जो पहले से ही डोरसेट शहर में एक छोटी सी चाय-कॉफ़ी की दुकान चलाती थी. जिमी ने अपनी बहन से कहा कि मैं दुनिया के हर कोने में ‘Jimmy’s Iced Coffee’ देखना चाहता हूँ और इसी सपने को सच करने का सफ़र दोनों ने शुरू कर दिया.

दोनों ने घर की रसोई में iced coffee का एक अनोखा स्वाद बनाने का काम शुरू कर दिया और शुरु के दिनों में इनको खूब कॉफ़ी चखनी पड़ी क्योंकि सही स्वाद पाना बहुत ही जरूरी था और फिर इनको एक दिन अपना मनचाहा स्वाद मिल गया और जन्म हुआ ‘Jimmy’s Iced Coffee’ का.

शुरू के दिनों में इन दोनों को बहुत लोगों ने कहा कि भाई-बहन का साथ में बिज़नेस करना अक्सर सफल नहीं होता परन्तु जिमी का मानना है कि यह बहुत अच्छा है क्योंकि आपको विश्वास की कमी नहीं रहती और आज 6 वर्षों में दोनों ने मिलकर सभी को गलत साबित कर दिया.


आज का ‘Jimmy’s Iced Coffee’ – तेजी से अपना नाम बनाता हुआ

आज जिमी’स iced coffee ब्रिटेन में लगभग सभी दुकानों में उपलब्ध है और कंपनी ने वर्ष 2016 में करीब 25 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार किया. जिमी और सूजी की नजर अंतरराष्ट्रीय बाज़ार पर है और वो आयरलैंड, जर्मनी और अमेरिका पंहुच गए हैं और धीरे-धीरे दूसर देशों में भी पहुँचने की तैयारी कर रहे हैं.

 

BusinessKahani की राय

ऐसा माना जाता है की जापान iced coffee का सबसे बड़ा उपभोक्ता है परन्तु भारत में भी iced coffee का बड़ा बाज़ार है. एक अच्छा खान-पान का बिज़नेस हमेशा डिमांड में रहता है और हमारी टीम उम्मीद करती है कि हमारे पढ़ने वाले अगर ऐसा कुछ करना चाहते हैं तो बिना कोई समय व्यर्थ किये जल्दी से जल्दी अपनी आइडिया को लांच करने की दिशा में काम करेंगे.

हमारी शुभकामनायें आपके साथ हैं.

 

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