प्रेरणादायक कहानियाँ

फोटो खींचकर बन सकते हैं गणित या विज्ञान के अव्वल छात्र, विद्यार्थियों का ऊबर – Snapask

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मोबाइल app से टैक्सी बुकिंग की कंपनी ‘ऊबर’ ने दुनिया को रोज-मर्रा के लिए ‘ऊबराइजेशन’ या ‘ऊबरीकरण’ जैसा नया शब्द दिया. ग्राहक और सर्विस प्रदाता को मोबाइल ऐप के जरिये मिलवाने की इस आधुनिक व्यवसायिक क्रांति को ऊबरीकरण कहा जाता है. ओला और ऊबर की सफलता के बाद बहुत सारे बिज़नेस में लोग ऊबरीकरण के बारे में सोचने लगे और इस दुनिया के बहुत पुराने व्यवसायों में से एक, ‘tuition’ भी इस नयी आधुनिकता की क्रांति से नहीं बच पाया. आइये हम आपका परिचय कराते हैं एक ऐसे ही प्लेटफार्म ‘snapask’ से, जो हांग कांग, सिंगापुर और ताइवान के प्राइवेट ट्यूशन मार्केट में खलबली मचा रहा है. Snapask का कांसेप्ट बहुत सरल है जो विद्यार्थियों को तुरंत हेल्प दिलवाता है और उनको अपने प्रश्न का जवाब पाने के लिए अगले दिन की क्लास का इंतज़ार नहीं करना पड़ता है बल्कि इस Tutor app के जरिये आप उस प्रश्न का फोटो डाल दीजिये और 17 सेकंड के अन्दर आपको ऐप पर उपस्थित ट्यूटर की मदद मिल जायेगी.

स्नैपआस्क सोशल मीडिया की सर्विस को शिक्षा के क्षेत्र में उपयोग करता है. कंपनी का app फेसबुक के मैसेंजर की तरह है और इसको मूलरूप से विद्यार्थियों को होमवर्क में मदद करने के लिए बनाया गया था. इस पर ट्यूशन देने वाले शिक्षक आपके प्रश्न का हल बताते हैं और आपको सिखाते हैं कि ऐसे प्रश्नों को भविष्य में कैसे हल किया जा सकता है. इसलिए यह आमने-सामने बैठकर दिए गए ट्यूशन जैसा ही कारगर साबित होता है. स्नैपआस्क पर आप अपने शिक्षक से लिखित मैसेज, ऑडियो या फिर विडियो चैट करके ट्यूशन की सुविधा ले सकते हैं.


एक सफल विचार

इसके तीन सह-संस्थापकों का नाम है Timothy Yu, Bradley Chiang और Phoebe Hung. इन तीनों नौजवानों को हांग कांग के ट्यूशन बिज़नेस को इन्टरनेट पर लाने का एक बहुत बड़ा मौका दिखा. इनको विचार आया कि अगर ट्यूशन की सुविधा को इन्टरनेट के जरिये अच्छे से और सस्ते में दिया जाए तो एक अच्छा बिज़नेस शुरू कर सकते हैं. इन्टरनेट के जरिये बिज़नेस चलाने से वो ट्यूशन सेंटर का किराया, शिक्षकों की सेंटर पे नियुक्ति और छात्रों के एडमिशन जैसी समस्यायों को आसान कर सकते हैं और कम खर्च में एक अच्छी सुविधा दे सकते हैं जिसका फायदा कंपनी, उनके शिक्षक और छात्रों को मिल सकता है.

स्नैपआस्क पर छात्रों की मदद करने वाले शिक्षक ज्यादातर यूनिवर्सिटी के छात्र या स्कूलों के शिक्षक हैं इसलिए वो स्नैपआस्क के छात्रों की समस्या को आसानी से समझ पाते हैं और उनको अच्छे से पढ़ा पाते हैं. इस ऐप के शिक्षकों को सिर्फ उन्हीं विषयों के प्रश्नों का उत्तर देने की मान्यता है जिसमें उनको स्वयं उच्चतम अंक प्राप्त हुआ है. यदि किसी छात्र को अपने प्रश्न का गलत या आंशिक उत्तर मिला है तो वह शिकायत की सुविधा का उपयोग करके अपना पैसा वापस मांग सकता हैं.

ऐप के ऊपर विद्यार्थी प्रत्येक प्रश्न के उत्तर के लिए पैसा देता है जो कि 4-8 हांग कांग डॉलर होता है परन्तु 50-100 प्रश्नों के पैकेज भी उपलब्ध हैं जो कि आप एक साथ खरीद कर धीरे – धीरे उपयोग कर सकते हैं.

स्नैपआस्क की शुरुआत विद्यार्थियों के होमवर्क में मदद करने के लिए एक ‘सवाल-जवाब’ के ऐप की तरह हुई थी. अब स्नैपआस्क की सेवाओं में बहुत विस्तार हो गया है जिसमें ग्रुप डिस्कशन के लिए ‘virtual classroom’ और ट्यूशन के शिक्षक को विद्यार्थियों के क्लास के प्रदर्शन का डाटा देने वाली ‘quizzes’ नामक सुविधा शामिल है.

सबसे बड़ी चुनौती  

स्नैपआस्क जैसी सुविधाओं की सबसे बड़ी चुनौती गुणवत्ता को नियन्त्रित करना होता है क्योंकि ऐप उतना ही अच्छा होगा जितना इसके ऊपर उपस्थित शिक्षक. ऐप को बहुत बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है यदि इसके शिक्षकों के पढ़ाने की गति धीमी है या वो उत्तर अच्छे से नहीं समझा पाते या गलत उत्तर देते हैं परन्तु यह चुनौती तो स्कूलों और कॉलेजों या प्राइवेट ट्यूशन के सभी संस्थानों के सामने होती है. इसमें ऐप की कंपनी को शिक्षकों की नियुक्ति के समय बहुत सावधानी बरतनी होती है और गुणवत्ता को प्राथमिकता देनी पड़ती है. वैसे यह ऐप गणित और विज्ञान जैसे विषयों के लिए बहुत कारगर साबित हुआ है क्योंकि अर्थशास्त्र या इतिहास जैसे विषयों के प्रश्न उठाने वालों की संख्या कम ही रही है.

इन्टरनेट से आगे भी

वैसे तो स्नैपआस्क की शुरुआत एक इन्टरनेट के बिज़नेस जैसी हुई परन्तु यह वास्तविक दुनिया से भी नाता जोड़ने लगा है और स्नैपआस्क का प्रीपेड कार्ड दुकानों पर बिकता है  जिसको विद्यार्थी अपने स्नैपास्क के अकाउंट में पैसा डालने के लिए उपयोग करते हैं. इसके अलावा स्नैपआस्क स्कूलों और कॉलेजों के साथ भी जुड़ रहा है ताकि शिक्षण संस्थानों को अपने विद्यार्थियों के बारे में और जानकारी मिल सके जैसे कि वो किस तरह के प्रश्न स्नैपआस्क पर पूछते हैं और उनको कैसे मदद किया जा सकता है.

BusinessKahani की राय

जैसा हमने पहले ही कहा कि ‘ऊबरीकरण’ आज के दौर की एक बहुत बड़ी क्रांति है जिसने पुराने बिज़नेस संरचनाओं को चुनौती दी है. इस नयी संरचना में सबको ज्यादा सुविधा और लाभ है इसलिए हम ज्यादा से ज्यादा व्यवसायों को देख रहे हैं जो ‘ऊबरीकरण’ की क्रांति से गुजर रहे हैं. हमारी राय में स्नैपआस्क एक बहुत ही अच्छी आइडिया है और हमारे हिंदीभाषी क्षेत्र में आसानी से शुरू की जा सकती है जिससे यूनिवर्सिटी के अच्छे छात्र हाई स्कूल या इंटरमीडिएट के छात्रों को ऐप के जरिये ट्यूशन दे सकते हैं. इस तरह के ऐप से छात्र और छात्राओं को घर बैठे ही ट्यूशन मिल सकता है जो समय, पैसा और सुरक्षा के दृष्टिकोण से फायदेमंद है. ऐसा ऐप बना कर आप ज्यादा से ज्यादा ट्यूशन पढ़ने और पढ़ाने वालों को एक साथ ला सकते हैं क्योंकि यह गाँव या जिले तक सीमित नहीं है बल्कि इसकी पहुँच बहुप्रदेशीय रहेगी.

सोचिये और अपना विचार हमें जरूर भेजिए. अगर आपको हिंदीभाषी क्षेत्र में ऐसे किसी बिज़नेस का पता हो तो हमारे पाठकों के साथ जरुर शेयर करिए.

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