प्रेरणादायक कहानियाँ

दो भाइयों ने 7 लाइन का नया मन्त्र लिखा और उनके घर में पैसों की बाढ़ आ गई

शेयर करें:-
  • 19
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    19
    Shares

पुराने समय से ही अलग-अलग देशों और सभ्यताओं में धन-धान्य पाने के अनेकों उपाय बताये गए हैं। भारत में भी लोगों के बीच धनवृद्धि के अनेकों मन्त्र प्रचलित हैं परन्तु आज तक इस बात का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है कि सिर्फ मन्त्रों का जाप करके कितने लोग अमीर बने हैं। आज की हमारी बिज़नेस कहानी मन्त्रों का जाप करने वाले नहीं बल्कि नए मन्त्र को लिखने वाले दो भाइयों के बारे में है। इनके लिखे मन्त्र से इन्टरनेट बिज़नेस में 1 लाख से भी ज्यादा कंपनियों को वास्तव में लाभ पहुंचा जिससे इन भाइयों की कंपनी ‘स्ट्राइप’ (Stripe) का मूल्यांकन लगभग 60 हज़ार करोड़ रुपये (9.20 Billion USD) तक पहुँच गया और इनके जीवन में पैसों की बाढ़ आ गयी। इतना ही नहीं, इनके मन्त्र को फेसबुक, ऊबर, लिफ्ट और आमेज़न जैसी बड़ी कंपनियों ने भी आज़माया जिससे इन कम्पनियों को भी बहुत लाभ मिला।

Multi-Billion Dollars Payment Processing Success – Stripe of Collison Brothers in Hindi

क्या है स्ट्राइप का मन्त्र?

दरअसल यह मन्त्र एक 7 लाइन का कंप्यूटर कोड है जो इन्टरनेट के जरिये बिज़नेस करने वाले छोटे-बड़े व्यापारियों की पेमेंट से जुड़ी समस्या का समाधान करता है। स्ट्राइप से पहले किसी भी ई-कॉमर्स बिज़नेस को शुरू करते समय बैंक, पेमेन्ट प्रोसेसर तथा ‘गेटवे’ की सुविधा देने वाले विभिन्न संस्थानों के साथ सेटअप के झमेलों से गुज़रना पड़ता था। इस पूरी प्रक्रिया में बहुत पैसा और समय भी लगता था। ऑनलाइन पेमेंट प्रोसेसिंग सेटअप की इस लम्बी और जटिल प्रक्रिया को छोटा और आसान बनाने के उद्देश्य से आयरलैंड में जन्में दो भाइयों, पैट्रिक कॉलिसन (Patrick Collison) और जॉन कॉलिसन (John Collison) ने 2010 में ‘स्ट्राइप’ की शुरुआत की। इसके कोड को सिर्फ प्लग-इन करके बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनियों से तुरंत जुड़कर पेमेंट् प्राप्त किया जा सकता है। इस पेमेंट प्लैटफॉर्म ने इंटरनेट पेमेंट को पहले से बहुत सरल बना दिया जिससे ‘स्ट्राइप’ जल्द ही सिलिकॉन वैली में हिट हो गया। आज कई देशों में अनगिनत ऐसे बिज़नेस हैं जो स्ट्राइप के ज़रिये स्थापित हुए हैं और आगे बढ़ रहे हैं।

आयरलैंड के गाँव से अमेरिका में आगमन

सेंट्रल आयरलैंड के ड्रोमिनीयर नामक गाँव में पले-बढ़े दोनों भाइयों, पैट्रिक कॉलिसन और जॉन कॉलिसन को बचपन से ही टेक्नोलॉजी, कोडिंग और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग से बहुत लगाव था। दोनों को वैज्ञानिक तथा व्यवसायिक रूचि विरासत में अपने माता-पिता से मिली। पिता ने इलेक्ट्रिकल इंजिनियरिंग और माँ ने माइक्रोबायोलॉजी के फील्ड से सम्बंधित अपनी नौकरी छोड़ कर बिज़नेस शुरू किया था। पैट्रिक ने 8 साल की उम्र में यूनिवर्सिटी ऑफ़ लिमरिक में पहला कंप्यूटर कोर्स ज्वाइन किया और 10 साल की उम्र में ही कंप्यूटर प्रोग्रामिंग सीखना शुरू कर दिया। 2005 में पैट्रिक को महज 16 साल की उम्र में LISP (Locator/Identifier Separation Protocol – एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जिसका प्रयोग आज के समय में सबसे ज्यादा होता है, विशेषतः आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में) सम्बंधित कामों के लिए  ‘41वां यंग साइंटिस्ट ऑफ़ द ईयर’ अवॉर्ड प्राप्त हुआ। अगले साल अपने हाईस्कूल फाइनल ईयर से पहले ही पैट्रिक MIT में पढ़ाई करने USA चले गए और वहां पहले साल में ही ई-बे (e-bay) ऑक्शन्स को मैनेज करने में सहायक ‘ऑक्टोमैटिक'(Auctomatic) नामक कंपनी की स्थापना की. 10 महीने बाद ही 2008 में इस कंपनी को 50 लाख डॉलर में बेच दिया और इसी दौरान 2009 में छोटे भाई जॉन ने ‘हावर्ड’ यूनिवर्सिटी ज्वाइन कर ली। अपने खाली समय में दोनों भाई आई-फ़ोन के ऐप्स बनाते थे।
Embed from Getty Images

बड़े भाई – पैट्रिक कॉलिसन

स्ट्राइप की स्थापना

इसी तरह के दूसरे साइड प्रोजेक्ट्स पर काम करते हुए दोनों भाइयों ने सोचा कि वेब पर पेमेंट्स रिसीव करना इतना कठिन क्यों है और क्या वे उस प्रक्रिया को सरल बना सकते हैं? इसी सवाल का हल ढूंढते हुए कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर दोनों भाईयों ने 2010 में ‘स्ट्राइप’ पर काम करना शुरू कर दिया। 6 महीने तक उन्होंने लगातार अपने इस प्रोजेक्ट पर काम किया और तैयार हुए प्रोटोटाइप को दोस्तों तथा जानकारों को दिखाकर उनकी प्रतिक्रियाएं जानीं। इस प्रोटोटाइप के साथ स्ट्राइप के सीईओ पैट्रिक और प्रेसिडेंट जॉन ने अपना पहला ट्रांजेक्शन 2011 में किया। दोनों भाइयों ने दो साल प्रोडक्ट टेस्टिंग और बैंकों, क्रेडिट कार्ड कंपनियों तथा रेगुलेटरों से सम्बन्ध स्थापित करने में लगाये ताकि उनके ग्राहकों को यह तकलीफ ना सहनी पड़े। स्ट्राइप के जरिये अब कोई भी कंपनी 7 लाइन का कोड अपने वेबसाइट पर कॉपी-पेस्ट करके पेमेंट प्रोसेसिंग शुरू कर सकती है। इसके लिए पुराने तरीके से बैंक, पेमेंट प्रोसेसर, गेटवे आदि अलग-अलग अकाउंट बनाने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि यह काम स्ट्राइप ने पहले से ही सेट कर रखा है। इस तरह जिस काम में अनेकों दिन या सप्ताह लग जाते थे वही काम अब कॉपी-पेस्ट करके चुटकी में संभव हो गया। स्ट्राइप की इसी ख़ासियत के कारण, जल्द ही सिलिकॉन वैली के विभिन्न स्टार्टअप्स की रुचि इसकी टेस्टिंग में बढ़ने लगी और धीरे-धीरे वर्ड ऑफ़ माउथ के ज़रिये ही स्ट्राइप की लोकप्रियता बढ़ गयी।

एक स्टार्टअप से मल्टी-बिलियन की कंपनी का सफर

पैट्रिक और जॉन द्वारा स्थापित स्टार्टअप, ‘स्ट्राइप’ आज अनगिनत कंपनियों के पेमेंट प्रोसेसिंग को संभालता है। स्ट्राइप के निवेशकों में कुछ प्रसिद्ध वेंचर कैपिटल फंड्स के साथ-साथ एक ज़माने की पेमेंट प्रोसेसिंग की मशहूर कंपनी पेपाल (Paypal) के सह-संस्थापक पीटर ठील (Peter Thiel) और एलन मस्क जैसे विख्यात नाम भी शामिल हैं। 2016 में, फ़ोर्ब्स पत्रिका द्वारा जारी की गई क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में कार्यरत 100 कंपनियों की सूची में ‘स्ट्राइप’ को चौथा स्थान प्राप्त हुआ था और अगले ही साल 2017 में, फ़ोर्ब्स द्वारा जारी इसी सूची में ‘स्ट्राइप’ को पहला स्थान प्राप्त हुआ। 2017 में स्ट्राइप का मूल्यांकन 9.2 बिलियन डॉलर रहा जो इसके अन्य प्रतिद्वंदियों के मुकाबले कहीं अधिक था।
Embed from Getty Images

छोटे भाई – जॉन कॉलिसन

अप्रैल 2017 में इसके दोनों को-फाउंडर्स 28 वर्षीय पैट्रिक और 26 वर्षीय जॉन को फ़ोर्ब्स के अरबपतियों की सूची में भी शामिल किया गया। इतना ही नहीं, 1.1 बिलियन के मालिक छोटे भाई जॉन कॉलिसन दुनिया के सबसे कम उम्र के सेल्फ-मेड बिलियनेयर भी बन चुके हैं। वर्तमान में कैलिफ़ोर्निया स्थित ‘स्ट्राइप’ अपने 10 ऑफ़िसों और 900 से ज़्यादा कर्मचारियों के साथ 25 देशों में एक लाख से ज़्यादा कस्टमर्स की पेमेंट प्रोसेसिंग का काम देखती है। ‘स्ट्राइप ऐटलस’, ‘स्ट्राइप रडार’ और ‘स्ट्राइप सिग्मा’ सॉफ्टवेयर प्लैटफॉर्म के ज़रिये दोनों भाई पेमेंट प्रोसेसिंग, फ्रॉड-प्रिवेंशन और ऑनलाइन बिज़नेस सेटअप को आसान और सुविधाजनक बनाने में लगे हुए हैं।

बिज़नेस कहानी की राय

यह बात मानी हुई है कि जब किसी नए व्यवसायिक क्षेत्र में तेजी से विकास होता है तो ज्यादातर लोग मुख्य बिज़नेस की तरफ ही फ़ोकस करते हैं जबकि उस नए व्यवसायिक क्षेत्र को सहयोग देने वाले दूसरे क्षेत्रों में भी बड़े बिज़नेस स्थापित करने के अच्छे मौके पैदा होते हैं. अगर इस कहानी को ही देखा जाए तो सालों तक पूरी दुनिया में अनगिनत लोग इन्टरनेट पर बिज़नेस शुरू करने पर ही फ़ोकस करते रहे जबकि पेमेंट सिस्टम से जुड़ी चुनौतियों का समाधान कम ही लोग ढूंढ रहे थे और स्ट्राइप ने उसी दिशा में काम करके इतनी जल्दी एक बड़ी सफ़लता हासिल कर ली.

आप सभी पाठकों को बिज़नेस आइडिया का चुनाव करते समय मुख्य उद्योगों के साथ-साथ सहयोगी क्षेत्रों में भी बिज़नेस आइडिया ढूँढना चाहिए. पसंद आने पर इस कहानी को जरुर शेयर करें और अपने जानने वालों को भी बिज़नेस करने की प्रेरणा दें.

 

 

 

हमारे मेलिंग सूची के लिए सब्सक्राइब करें।

सब्सक्राइब करने के लिए धन्यवाद!

कुछ गलत हो गया..


शेयर करें:-
  • 19
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    19
    Shares

कमेन्ट करें