प्रेरणादायक कहानियाँ

जिन ढूंढा तिन पाइयां गहरे पानी पैठ. 33 साल में 33 हज़ार करोड़ – Story Of Forever 21 In Hindi

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जिन ढूंढा तिन पाइयां, गहरे पानी पैठ. मैं बपुरा बूड़न डरा, रहा किनारे बैठ. संत कबीर के इस मशहूर दोहे का अर्थ है – ”सफलता उसी व्यक्ति को मिलती है जो असफलता से डरे बिना धैर्य के साथ मेहनत करता है.” हमारे पाठकों को दिल्ली, मुंबई, पुणे या बंगलुरु जैसे शहरों में Forever 21 की वेस्टर्न कपड़ों की शॉप के बारे में जरुर पता होगा. Forever 21 का मतलब है – सदैव 21 वर्ष का दिखना और अपने नाम के अनुसार Forever 21 नौजवान पीढ़ी की पसंद को ध्यान में रखते हुए लेटेस्ट फैशन के कपड़े ही बेचता है. 33 साल पहले 1984 में अमेरिका में एक छोटी सी दुकान से शुरू होकर आज Forever 21 की दुनिया भर में 700 से भी ज्यादा दुकानें हैं और इस बिज़नेस का सालाना कारोबार लगभग 33 हजार करोड़ रुपये ($5+ बिलियन) का है. एक छोटी शुरुआत से इतना बड़ा बिज़नेस बनाने वाले Forever 21 के संस्थापक पति-पत्नी डू वन चैंग और जिन सुक चैंग की कहानी बेहद प्रेरणादायक है.

Inspirational Success Story Of Forever 21 In Hindi

Oxford Street, London – 1/12/2017

अमेरिकन ड्रीम के साथ अमेरिका में आगमन

डू वन चैंग और उनकी पत्नी जिन सुक चैंग 1981 में दक्षिण कोरिया से अमेरिका आये. दोनों के पास एक भी पैसा नहीं था, दोनों ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे और अंग्रेजी भी जोड़-तोड़ कर ही बोलते थे परन्तु आँखों में दुनिया जीतने का सपना था और अपने अमेरिकन ड्रीम को साकार करना था. अपना पेट पालने के लिए डू वन ने एक साथ 3 नौकरियां शुरू कर दी – वह एक दुकान पर सफाई का काम करते, फिर कॉफ़ी की दुकान में काम करते और तीसरी नौकरी पेट्रोल पंप पर थी. जिन सुक ने भी एक ब्यूटी पार्लर में काम करना शुरू कर दिया.

Forever 21 की स्थापना

पति-पत्नी 3 साल तक ऐसे ही परिश्रम करते रहे, जगह को समझते रहे और अपने सपनों को पूरा करने के लिए पैसे बचाने लगे. उनको लगता था कि कॉफ़ी के बिज़नेस में बहुत फ़ायदा है लेकिन डू वन का मार्केट रिसर्च करने और बिज़नेस आइडिया ढूँढने का अपना अनोखा तरीका था. डू वन उस समय बड़ी-बड़ी गाड़ियाँ चलाने वालों के ऊपर ध्यान देते और पता करते कि वे लोग क्या बिज़नेस या नौकरी करते हैं. डू वन को पता चला कि उनमें से ज्यादातर लोग कपड़ों के व्यापार से जुड़े हैं तो फिर डू वन ने फैसला किया कि वह भी इस बिज़नेस में उतरेंगे. कपड़ों के व्यापार को समझने के लिए डू वन ने एक कपड़े की दुकान में खूब मन लगाकर काम करना शुरू कर दिया.

अप्रैल 1984 में पहली दुकान लॉस एंजलेस, कैलिफ़ोर्निया में फैशन 21 के नाम से शुरू हुई. फैशन 21 के शुरू होने से पहले इस दुकान में 3 बिज़नेस फ़ेल हो चुके थे फिर भी डू वन चैंग ने चांस लिया और सालों की मेहनत से बचाए हुए पूरे पैसे डाल दिए. इस दुकान से पहले ही साल में 7 लाख डॉलर (4.50 करोड़ रुपये) का बिज़नेस हुआ और इस सफ़लता के सहारे दोनों ने हर 6 महीने पर एक नई दुकान खोलनी शुरू कर दी. फैशन 21 का साम्राज्य धीरे-धीरे अमेरिका में फ़ैलने लगा और आगे चलकर इसका नाम Fashion 21 से बदलकर Forever 21 कर दिया गया.
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डू वन चैंग अपनी बेटी लिंडा के साथ 

33 साल का सफ़र

डू वन और उनकी पत्नी को सफलता के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा. उनको प्रतिस्पर्धियों से अनगिनत कानूनी लड़ाईयां लड़नी पड़ीं जिसमें उन पर कई बार दूसरे ब्रांड की स्टाइल चुराने के आरोप लगे. इस बिज़नेस ने अपनी स्थापना के बाद के सालों में कई आर्थिक मन्दियाँ भी देखीं जिसमें 2008 में शुरू हुई मंदी पूरी दुनिया के लिए काफ़ी कठिन थी. आर्थिक मंदी के समय उनको बहुत सी दुकानें बंद करनी पड़ीं और अपनी बढ़त पर थोड़ा लगाम लगाना पड़ा. पिछले कुछ सालों से सबसे बड़ा संघर्ष ऑनलाइन स्टोर्स से आ रहा है जिसकी वजह से धीरे-धीरे ग्राहक दुकानों में जाकर कपड़ा खरीदना कम कर रहे हैं. दोनों ने इन सभी मुश्किलों का अटल संकल्प रखते हुए हल निकाला और 33 साल में शून्य से 33 हज़ार करोड़ का कारोबार खड़ा करने में सफ़ल हुए.

आज का चैंग परिवार और Forever 21

Forever 21 का इतना बड़ा साम्राज्य बनाने में चैंग ने कभी भी बाहरी हिस्सेदार को शामिल नहीं किया और आज भी पूरा बिज़नेस प्राइवेट है. अब इस बिज़नेस से चैंग दम्पति की दोनों बेटियाँ Linda और Esther (लिंडा और एस्टर) भी पूरे तरीके से जुड़ी हुई हैं. माँ, बाप और बेटियाँ मिलकर व्यापार को नए स्तर पर ले जाने के लिए कटिबद्ध हैं और शायद यह बिज़नेस लम्बे समय तक परिवार के पास ही रहेगा.

बिज़नेस कहानी की राय

अपनी सारी जमा पूँजी लेकर एक बिज़नेस में कूद जाना किसी के लिए भी आसान नहीं होता. फ़ेल होने, अपने सारे पैसे खोकर फिर से सड़क पर आने और दुनिया की नज़रों में हारा हुए दिखने के डर से अनेकों लोग बिज़नेस करने का सिर्फ सपना ही देखते रह जाते हैं. डू वन और जिन सुक की कहानी वाकई में बहुत प्रेरणादायक है जो हमें सीख देती है कि इंसान को सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है. यदि आपके पास निश्चित लक्ष्य है तो योजनाबद्ध तरीके से काम करके मन में विश्वास रखते हुए कड़ी मेहनत से कुछ भी हासिल किया जा सकता है.

 

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